उन्नाव एक्सीडेंट: ADG ने कहा, हर एंगल से जांच कर रही है पुलिस

लखनऊ। उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट मामले में यूपी पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। जेल में बंद पीड़िता के चाचा की ओर से तहरीर दी गई है जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
ट्रक चालक, मालिक और क्लीनर की सारी कॉले डीटेल भी खंगाली जा रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बीजेपी विधायक या उनके समर्थकों के बीच ट्रक से जुड़े तीनों आरोपियों के बीच कोई संपर्क तो नहीं हुआ। इधर घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम पहुंची है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
एडीजी लखनऊ राजीव कृष्णा  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि यह हादसा था या साजिश इसकी पुलिस जांच कर रही है। मृतकों का पोस्टमॉर्टम हो गया है। घायलों का इलाज लखनऊ में चल रहा है। पीड़ितों के इलाज का खर्च पूरी तरह से सरकार उठाएगी। मौके पर फॉरेंसिक टीम भेजी गई है जो वहां चश्मदीदों के बयान और टायरों के निशान एकत्र करेगी।
चाचा ने जेल से दी तहरीर
एडीजी ने बताया कि जेल में बंद पीड़िता के चाचा की ओर से तहरीर दी गई है। उन्होंने यह तहरीर जेल अधीक्षक के जरिए भिजवाई है। पुलिस उसी तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर रही है। यह केस रायबरेली में दर्ज हो रहा है। वहीं पीड़ित परिवार की तरफ से एक और प्रार्थना पत्र दिया गया है जिसमें उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनकी यह मांग डीजीपी के माध्यम से शासन को भेज दी गई है।
मोरंग पलटकर वापस लौट रहा था ट्रक
एडीजी ने घटना के बारे में बताया कि ट्रक और पीड़िता के कार के बीच आमने-सामने टक्कर हुई। उन्होंने बताया कि ट्रक का ड्राइवर, मालिक और क्लीनर गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रक बांदा से रात लगभग एक बजे मोरंग लेकर रायबरेली के लिए निकला था। सुबह लगभग दस बजे ट्रक ड्राइवर ने रायबरेली में मोरंग पलटी और फिर यहां से पेमेंट लेकर वापस फतेहपुर जा रहा था। घटना के समय तेज बारिश हो रही थी और जिस रोड पर हादसा हुआ उस पर कोई डिवाइडर नहीं बना है। बारिश के कारण ट्रक चालक को कार दिखाई नहीं दी और दोनों के बीच आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
…तो इसलिए छिपाई थी नंबर प्लेट
एडीजी ने बताया कि ट्रक की नंबर प्लेट छिपाए जाने के बारे में ट्रक मालिक से पूछताछ की गई है। उसने कहा कि उसने ट्रक फाइनैंस करा रखा था। उसने उसका पेमेंट नहीं किया था। फाइनैंस वालों से बचने के लिए उसने ट्रक का नंबर ढक रखा था। एडीजी ने बताया कि पुलिस इस बयान की पड़ताल कर रही है।
सीबीआई को भेजी गई सूचना
एडीजी ने बताया कि हादसे की चपेट में आने वालों में से दो लोग सीबीआई के गवाह थे जिसमें पीड़िता और उसकी चाची शामिल हैं। चाची की मौत हो गई है जबकि पीड़ित अस्पताल में है। सीबीआई को इस बारे में सूचना भेज दी गई है।
ट्रक मालिक, ड्राइवर और क्लीनर की कॉल डीटेल खंगाल रही पुलिस
एडीजी ने बताया कि इस घटना के पीछे साजिश का आरोप लगा है इसलिए ट्रक मालिक, क्लीनिर और ड्राइवर की सारी कॉल डीटेल खंगाली जा रही है। पुलिस बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनसे जुड़े हर एक व्यक्ति की कॉल डीटेल भी निकाल रही है जिससे यह पता लगाया जा सके की ट्रक ड्राइवर, मालिक या क्लीनर का उनसे कोई संबंध तो नहीं था?
…इसलिए सुरक्षाकर्मी नहीं थे साथ
पीड़िता के साथ सुरक्षाकर्मियों के न होने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि पीड़िता को नौ सुरक्षाकर्मी मिले थे। पीड़िता दिल्ली में रहती है इसलिए तीन सुरक्षाकर्मी उसके साथ दिल्ली में और बाकी के छह उसके घर उन्नाव में रहते थे। पीड़िता 20 जुलाई को दिल्ली से उन्नाव आई थी। सुरक्षाकर्मी उसके साथ थे। घटना के दिन पीड़ित पक्ष स्विफ्ट डिजायर से रायबरेली जा रहा था। गाड़ी में चार लोग मौजूद थे, पांचवे व्यक्ति को उन्हें रायबरेली से लेना था। उन लोगों ने सुरक्षाकर्मियों को यह कहते हुए कार में नहीं बैठाया कि गाड़ी में जगह नहीं है।
-एजेंसियां

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