तालिबान को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं अज्ञात सैन्‍य हमले: नॉर्दन अलायंस का दावा, जंग अभी जारी है

तालिबान ने विरोधियों के कब्जे वाले आखिरी प्रांत पंजशीर को नियंत्रण में लेने का दावा भले ही कर रहा हो, लेकिन जंग अभी बाकी है। पंजशीर घाटी में लगातार गोले-बारूदों की आवाज सुनाई देने की खबरें आ रही हैं। तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाकर अज्ञात सैन्य हमले किए जा रहे हैं। तालिबान के विद्रोही गुट नॉर्दन अलायंस ने दावा किया है कि जंग अभी जारी है। युद्ध का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने कहा कि हम तब तक हार नहीं मानेंगे, जब तक हमारी सांसें चलती रहेंगी। नॉर्दन अलायंस के लड़ाके तालिबान को चुनौती दे रहे हैं।
पंजशीर के लड़ाकों ने पाकिस्तान के विमान को मार गिराया
नॉर्दन अलायंस की अगुआई कर रहे अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह और तालिबान विरोधी अहमद शाह मसूद के बेटे कर अहमद मसूद ने कहा था कि नॉर्दन अलायंस खून की आखिरी बूंद तक लड़ता रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पंजशीर के लड़ाकों ने पाकिस्तान के फाइटर विमान को मार गिराया है। इससे पहले खबरें थीं कि पंजशीर के लड़ाकों पर तालिबान ने पाकिस्तानी जेट विमान से हमला किया, जिसमें बड़ी संख्या में नॉर्दन अलायंस के सैनिकों के मारे जाने की खबर थी।
पंजशीर के गवर्नर हाउस पर तालिबानी झंडा फहराने का एक वीडियो जारी किया
इससे पहले तालिबान के लड़ाके सोमवार को पंजशीर के आठ जिलों पर कब्जा करने का दावा किया था। बड़ी संख्या में तालिबानी लड़ाके पंजशीर में घुसकर विद्रोही गुट को खत्म करने का दावा किया और गवर्नर ऑफिस के बाहर तालिबान ने अपना झंडा फहरा दिया था।
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान (एनआरएफए) का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद और पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह पड़ोसी मुल्क ताजिकिस्तान भाग गए हैं। वहीं मसूद ने अपने ट्विटर संदेश में कहा है कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन इसके अलावा कोई ब्योरा नहीं दिया। मसूद ने कहा कि तालिबान का जीत का दावा झूठा है और हमारी जंग जारी है। उन्होंने लोगों से पूरे अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ विद्रोह करने की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजशीर पर नियंत्रण करने में तालिबान को पाकिस्तान की वायुसेना और ड्रोन की भरपूर मदद मिली। तालिबानी लड़ाकों ने रातों-रात पंजशीर के आठ जिलों पर कब्जा कर लिया। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही आईएसआई चीफ फैज हमीद काबुल पहुंच कर तालिबानियों के साथ ऑपरेशन में जुट गया। रविवार को भारी बमबारी के बाद अंतत: पंजशीर पर तालिबान का कब्जा हो गया। बताया जाता है हवाई हमले के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति सालेह ताजिकिस्तान भाग गए।
जंग के जंजाल से निकला देश: तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के विरोध का आखिरी किला भी फतह कर लिया है। आखिरकार देश जंग के भंवर से बाहर आ गया है। हमारी जनता को शांति और स्वतंत्रता का खुशहाल जीवन मिलेगा। मुजाहिद ने पंजशीर के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
पंजशीर के लोग बोले: तालिबान झूठा, हम आजाद हैं
अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी पर कब्जे को लेकर तालिबान लगातार दावे कर रहा है लेकिन स्थानीय लोगों ने साफ-साफ कहा कि तालिबान झूठ बोल रहा है। पंजशीर घाटी पर तालिबानियों का कब्जा नहीं है। उनकी घाटी पहले भी आजाद थी और आज भी आजाद है।
घाटी के लोगों ने कहा कि हमारे जिन इलाकों को तालिबानियों ने कब्जा कर लिया था, उनको भी हमारे लड़ाकों ने वापस ले लिया है। अब हमारी लड़ाई सिर्फ पंजशीर घाटी में ही नहीं, बल्कि पूरे अफगानिस्तान में शुरू हो चुकी है। पाकिस्तानियों और तालिबानियों से छुटकारा पाने के लिए हमारे नेता की एक आवाज पर पूरे देश में विद्रोह शुरू हो गया है। आप टीवी और सोशल मीडिया पर इसको देख भी सकते हैं।
कमांडर हसीब भी सही सलामत
तालिबानियों के पंजशीर घाटी पर कब्जे के दावे को नेशनल रजिस्टेंस फोर्स भी पूरी तरीके से खारिज कर रही है। फोर्स के मुताबिक तालिबानियों ने दावा किया था कि उनके कमांडर हसीब को मार दिया गया लेकिन फोर्स ने हसीब की तस्वीर के साथ एक पोस्ट किया। इसमें हसीब की ओर से लिखा है कि कमांडर हसीब जिंदा हैं, लेकिन युद्ध चरम पर है। उनके कमांडर और सैनिक बीते कई रोज से सोए भी नहीं। खाना भी नहीं खाया है। फोर्स ने बकायदा तालिबानी सैनिकों का एक ऑडियो जारी कर इस बात की तस्दीक की कि तालिबानी पंजशीर घाटी में कब्जा नहीं कर पा रहे हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक तालिबानी सैनिक की बातचीत बताती है कि उनके लड़ाकों को तकरीबन तीन सौ पंजशीरी आंदोलनकारियों ने बंदी बना लिया है।
विरोध में महिलाएं ज्यादा मुखर
अफगानिस्तान के स्वतंत्र पत्रकार हातिक मलिकजादा ने बताया कि अहमद मसूद के कहने पर ही पूरे देश में पाकिस्तान और तालिबानियों के खिलाफ विद्रोह पैदा हो गया। यही वजह है कि बीते 24 घंटे में काबुल से लेकर प्रवान तक और डाइकुंदी से लेकर बल्ख में नेशनल अप्राइसिंग की बात होने लगी। जनता सड़कों पर है। खासतौर से महिलाएं तो विरोध में बहुत ही मुखर हो चुकी हैं। वो कहते हैं कि अहमद मसूद की एक आवाज पर जनता तालिबानियों के विद्रोह में उतर आई है। मंगलवार (सात सितंबर) की सुबह से ही काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन होने लगा। उन्होंने बताया कि अब यह लड़ाई सिर्फ पंजशीर को बचाने की नहीं, बल्कि पूरे अफगानिस्तान को तालिबान और पाकिस्तानियों के चंगुल से आजाद कराने की हो चुकी है। इससे पहले अहमद मसूद ने एक पत्र जारी करके एलान किया था कि बहुत जल्द ही अफगानिस्तान को तालिबान और पाकिस्तान के चंगुल से आजाद करा लेंगे।
-एजेंसियां

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