शिकागो विश्वविद्यालय का शोध: जानलेवा हो सकता है Pollution

वायु Pollution न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर रहा है, बल्कि इसका असर लोगों की लाइफ लाइन भी पर भी पड़ रहा है। शिकागो विश्वविद्यालय की शोध संस्था ‘एपिक’ की ओर से जारी एयर क्वॉलिटी लाइफ इंडेक्स के मुताबिक Pollution के चलते लोगों की औसत उम्र में 7 साल तक की कमी आ जाती है। वहीं, Pollution लगातार खतरनाक स्तर पर बना रहे तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर Pollution के बुरे असर से काफी हद तक बचा जा सकता है और लंबे समय तक सेहतमंद जीवन भी जी सकते हैं। कैसे, यहां जानें…
घर में भी लगाएं मास्क
सीनियर फिजीशियन डॉ. आरसी गुप्ता और एमएमजी अस्पताल के सीनियर फिजिशनयन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि स्मॉग में घुले जहरीले तत्व सांस के साथ फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचकर वहां चिपक जाते हैं। इससे अस्थमा, टीबी और कैंसर जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। इस तरह के प्रभावों से बचने के लिए सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घर में भी मास्क लगाकर रहें। मॉर्निंग और इवनिंग वॉक से परहेज करें और घर पर हल्का व्यायाम करें।
दिल का रखें खास ख्याल
सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कात्याल ने बताया कि जहरीले तत्व सांस के जरिए शरीर में जाकर खून में मिल जाते हैं और रक्त को संक्रमित करते हैं जिससे दिल संबंधी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए खानपान में बदलाव जरूरी है। घर पर ही खाना खाएं और कसरत करें। खाना भी हल्का खाना चाहिए और औसत से ज्यादा पानी पीना चाहिए।
नीम और तुलसी है रामबाण की तरह
आयुर्वेद और युनानी चिकित्सा के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक राना का कहना है कि स्मॉग के प्रभाव को कम करने के लिए कई तरह के काढ़े आयुर्वेद में हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं। डॉ. राणा ने बताया कि स्मॉग के प्रभाव को कम करने के लिए तुलसी सत, नीम सत लिया जा सकता है। गिलोय, तुलसी, नीम, काली मिर्च, मुलैठी, आमा हल्दी, छोटी पीपल और पुराने गुड़ का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करने से भी स्मॉग के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। नाक को गीले रुमाल से ढककर रखें। यह हानिकारक तत्वों को रोक लेता है।
योग शरीर से निकालेगा हानिकारक तत्व
योग प्रशिक्षक रहे योगगुरु रमनीश वत्स कहते हैं कि शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने के लिए जलनेती, कपालभाती, धनुरासन, चक्रासन और उष्ट्रासन काफी सहायक हैं। ये आसन श्वासन तंत्र और हृदय को हेल्दी बनाते हैं। हानिकारक तत्वों के शरीर से निकलने से स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्मॉग के दौरान व्यायाम या आसन घर में ही करें, बाहर न निकलें।
गुड़ से करें गले की गंदगी को साफ
Pollution के चलते गले में सबसे अधिक धूल के कण जमा हो जाते हैं। इससे गले में परेशानी हो जाती है। ऐसे में रोज खाने के बाद गुड़ का इस्तेमाल करें। इसके अलावा मुलेठी भी चबा सकते हैं। साथ ही गर्म पानी में कुछ बूंदें नींबू की डालकर पी सकते हैं। 2 आंवले के रस में शहद मिलाकर भी ले सकते हैं। दिन में संतरे का सेवन कर सकते हैं।
श्वसन प्रणाली को ऐसे रखें मजबूत
1. रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच च्यवनप्राश लें। ये रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
2. सुबह के समय तुलसी के तीन-चार पते चबाकर खाएं।
3. एक लीटर पानी में थोड़ा सा अदरक, 2-3 लौंग, 3-4 काली मिर्च, तुलसी के 4-5 पत्ते और एक चम्मच सौंफ मिलाकर काढ़ा बना लें। सुबह से शाम तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करें।
4. नाक को साफ रखने के लिए सोते समय सरसों, तिल या आयुर्वेद के तेल की कुछ बूंदे नाक में डाल कर सोएं।
5. नीम की पत्तियों से रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है। ऐसे में इन दिनों में रोजाना सुबह के समय 4-5 नीम की पत्ती खा सकते हैं।
6. इसके अलावा लहसुन की एक कली रोज सुबह खाली पेट ले सकते हैं। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
बरतें ये सावधानियां
-ज्यादा स्मॉग के दौरान घर में ही व्यायाम और योग आसन करें।-कभी भी खाली पेट सुबह की सैर पर न जाएं, कुछ न कुछ जरूर खा लें।-पार्क में देख लें कि ओस पड़ी है या नहीं, ओस पड़ने के बाद ही टहलें, क्योंकि यह प्रदूषण की एक परत खत्म कर देती है।-डायट में सुधार करें, हेल्दी डायट लें और दिनभर में खूब पानी पिएं, इससे हानिकारक तत्वों के शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।-अपने घर और दफ्तर के आसपास कूड़ा, कचरा और धूल नहीं फैलने दें।
-एजेंसियां

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