संयुक्त राष्ट्र ने खारिज की हाफिज सईद पर बैन हटाने की मांग वाली याचिका

संयुक्त राष्ट्र ने 2008 के मुंबई हमले के मास्टर माइंड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने खुद को प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से हटाए जाने की अपील की थी।
यह खबर ऐसे मौके पर आ रही है जब संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रतिबंध समिति से पुलवामा अटैक के जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर बैन लगाने की एकबार फिर अपील की गई है।
उल्लेखनीय है कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे और हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी।
यहां बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की तरफ से हाफिज की याचिका को ऐसे वक्त में खारिज किया गया है जब भारत ने उसकी गतिविधियों को लेकर विस्तृत सबूत पेश किए हैं जिसमें बेहद गोपनीय जानकारी भी शामिल है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के फैसले से हाफिज के वकील हैदर रसूल मिर्जा को इस सप्ताह अवगत करा दिया गया है।
लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक हाफिज को मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 10 दिसंबर, 2008 को प्रतिबंधित कर दिया था। हाफिज ने 2017 में बैन के खिलाफ लाहौर स्थित लॉ फर्म मिर्जा ऐंड मिर्जा के जरिये अपील दाखिल की थी, तब वह पाकिस्तान में नजरबंद था। सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की तरफ से नियुक्त स्वतंत्र लोकपाल डैनियल के. फैसियाती ने हाफिज के वकील को जानकारी दी गई कि उसके आवेदन की जांच के बाद यह फैसला किया गया कि वह प्रतिबंधितों की सूची में ही रहेगी।
हाफिज की याचिका का भारत के साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी विरोध किया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तान ने इसका विरोध नहीं किया था तब जब इमरान खान के नेतृत्व वाली नई सरकार यह दावा कर रही है कि वह प्रतिबंधित आतंकियों और उनके संगठनों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है।
पिछले महीने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने जैश चीफ मसूद अजहर पर बैन लगाने की ताजा अपील की थी, जो कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के मुताबिक पाकिस्तान में ही रह रहा है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने जैश को आतंकी संगठन घोषित कर रखा था।
-एजेंसियां

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