दक्षिण अमरीका में ‘वृक्ष देव’ को वरमालाएं अर्पित करने का अनूठा अभियान

दक्षिण अमरीका में महिलाओं का एक समूह जब विवाह मंडप में पहुंचा तो एक वृक्ष उनका इंतजार कर रहा था। शादी के दूधिया परिधानों में सजी-संवरी इन महिलाओं ने शादी की रस्मों को पूरा करते हुए पेरू की राजधानी लीमा में इस ‘वृक्ष देव’ को वरमालाएं अर्पित कीं और कहा कि वे उसे अपने पति के रूप में अपनाती हैं।
इस अजब से जश्न को ‘पेड़ की दुल्हन बनें और उसका जीवन बचाएं’ का नाम दिया गया है। इस रस्म में शामिल महिलाओं ने फूलों के गुलदस्ते पकड़े हुए थे और उन्होंने तब तक इस वृक्ष की सेवा संभाल करने का वचन लिया जब तक मृत्यु उन्हें इससे जुदा नहीं कर देती। इस रस्म का आयोजन पेरू के जाने-माने कलाकार और एक्टिविस्ट रिचर्ड तोरेस द्वारा किया गया था और उन्होंने ही पेड़ बचाओ के इस शादी अभियान में पादरी की भूमिका अदा की थी। वृक्ष से शादी करने के बाद उसकी सभी ‘दुल्हनों’ को अपने ‘दूल्हे’ को चूमने की अनुमति दी गई और सभी दुल्हनों ने इसके तने को चूमा। इस मौके पर मेहमानों ने सौभाग्य जोड़ियों पर बादाम के मखानों की वर्षा करने की बजाय वृक्षों के पत्तों की वर्षा की।
वृक्षों को बचाने के लिए अनूठे प्रयास करने के कारण तोरेस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात हैं।
उन्होंने कहा कि ‘‘हम शांति का संदेश दे रहे हैं और इस संदेश के माध्यम से लोगों को वृक्षों की संभाल करने के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।’’ इस मौके पर पधारी हुई सभी दुल्हनें स्थानीय अभिनेत्रियां थीं जिन्हें तोरेस ने इस अवसर पर अपनी कला दिखाने के लिए प्रेरित किया था। दुल्हनों में से एक पैट्रीशिया सिएरा ने कहा: ‘‘यह आयोजन लोगों में यह जागृति पैदा करने के लिए है कि वृक्षों से भी मोहब्बत करनी चाहिए और यह मोहब्बत आपकी जीवन प्रतिबद्धता का रूप ग्रहण करे। आम शादियों में भी तो हम इसी तरह की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं। पेड़ बोल नहीं सकते फिर भी हमें उनके आक्रोश की आवाज को समझना होगा और इसीलिए हम यहां पहुंची हैं। पेड़ों को बचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’
इस आयोजन का लक्ष्य पेरू के लोगों को यह स्मरण करवाना था कि उनके जीवन में पेड़ों का क्या महत्व है? और उनकी संभाल करना क्यों जरूरी है? कोराजोनेस वरदेस (हरित हृदय) आंदोलन के नेता तोरेस का कहना है कि बहुत से पेड़ लीमा के नए विकास की भेंट चढ़ गए हैं और शेष बचे पेड़ों को वह किसी भी कीमत पर बचाना चाहते हैं। उन्होंने लैटिन अमरीका के अन्य देशों में भी ऐसे आयोजन करने की योजना बनाई है ताकि भारी संख्या में पेड़ों की कटाई को रोका जा सके।
-एजेंसी