केंद्रीय मंत्री ने बताया, देशभर में ब्लैक फंगस के 8848 मामले सामने आए

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस Mucormycosis संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने शनिवार को बताया कि देशभर में ब्लैक फंगस के 8848 मामले सामने आए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस के रोगियों के इलाज के लिए केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Amphotericin- B की अतिरिक्त 23 हजार शीशियां भेजी गई हैं।
राज्यों में ब्लैक फंगस के स्थिति की समीक्षा
केंद्रीय मंत्री ट्वीट कर कहा, विभिन्न राज्यों में म्यूकोरमाइकोसिस की स्थिति की विस्तृत रूप से समीक्षा के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Amphotericin- B की अतिरिक्त 23 हजार शीशियां भेजी गईं। उन्होंने कहा कि दवा का आंवटन राज्यों में मामलों के मद्देनजर प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। ऐसे में जहां ब्लैक फंगस के मामले अधिक हैं, उन्हें अधिक दवा आवंटित की गई है। उन्होंने लिखा कि देश में ब्लैक फंगस के करीब 8848 मामले सामने आए हैं।
राजस्थान, तेलंगाना समेत इन राज्यों ने घोषित की महामारी
जानकारी के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राजस्थान, तेलंगाना, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और हरियाणा पहले ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर चुके हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिख महामारी एक्ट के तहत इस बीमारी को नोटिफाइड करने का आग्रह किया था।
गुजरात में सबसे अधिक 2281 केस
ब्लैक फंगस से सबसे अधिक प्रभावित राज्य गुजरात है। यहां इस संक्रमण के 2281 मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र दूसरा सबसे प्रभावित राज्य हैं, यहां ब्लैक फंगस के 2000 मामले सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश में म्यूकोरमाइकोसिस के 910 मामले हैं जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में 700-700 केस हैं। राजधानी दिल्ली में ब्लैक फंगस के 197 केस रिपोर्ट किए गए हैं।
डायबिटीज और कमजोर इम्यून वालों के लिए घातक
ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण उन लोगों को लिए घातक साबित हो रहा है जो कोरोना से हाल-फिलहाल में उबरे हैं। कोरोना की वजह से लोगों का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर है जिससे इस संक्रमण को फैलने का मौका मिल जा रहा है। इसके अलावा डायबिटीज के रोगियों के लिए यह संक्रमण घातक साबित हो रहा है। हालांकि, स्टेरॉयड्स के अधिक प्रयोग को इस संक्रमण के फैलने का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
-एजेंसियां

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