केंद्रीय गृह मंत्रालय की महबूबा सरकार को हिदायत, भविष्‍य में न भाग पाए कोई आतंकवादी

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक कुख्‍यात आतंकवादी के भाग जाने पर महबूबा सरकार को हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए और जेलों की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की तैनाती की जाए। गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘गृह मंत्रालय ने इस मसले को गंभीरता से लिया है और सरकार को सलाह दी है कि वह जेलों की सुरक्षा को पुख्ता करे ताकि ऐसे घटनाएं भविष्य में न हो सकें।’
दरअसल, श्रीनगर की सेंट्रल जेल से पाकिस्तानी आतंकवादी के भागने को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार से जेलों की सुरक्षा सख्त करने को कहा है। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को लिखे गए पत्र में कहा गया कि वह जेलों और कैदियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा की समीक्षा करे। इसके अलावा जेलों की सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती के लिए भी कहा गया है।
पाकिस्तानी आतंकवादी नवीद जट के श्रीनगर की जेल से भागने के बाद हुई उच्च-स्तरीय मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया है। मेडिकल चेकअप के लिए जट को अस्पताल ले जाया गया था, जहां कुछ आतंकियों ने गोलीबारी कर उसे छुड़ा लिया था। गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार से कहा है कि इस मामले में दोषी लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इसके अलावा यह सवाल भी पूछा है कि आखिरी एक अतिरिक्त सुरक्षा प्राप्त कैदी को अस्पताल के ओपीडी में क्यों भेजा गया।
अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से कहा कि वह श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा को पुख्ता करे, जिसमें तमाम खूंखार आतंकी बंद हैं। इसके अलावा उन्हें जम्मू, उधमपुर और लेह की जेलों में भेजा जाए। फिलहाल श्रीनगर की जेल में 16 पाकिस्तानी कैदी हैं। इनमें से 7 को जम्मू में शिफ्ट किया जाना है। इसके अलावा अन्य लोगों को किन जेलों में शिफ्ट किया जाए, इस पर चर्चा चल रही है।
-एजेंसी