शहीद इंस्पेक्टर परवेज अहमद के घर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री

श्रीनगर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे पर कश्मीर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत नौगाम में शहीद इंस्पेक्टर परवेज अहमद के घर जाकर की। अमित शाह ने शहीद इंस्पेक्टर के परिजनों से बातचीत कर उनका हाल जाना और शहीद की पत्नी फातिमा अख्तर को सरकारी नौकरी के आधिकारिक कागजात सौंपे। जून महीने में आतंकियों ने गोली मारकर परवेज अहमद की हत्या कर दी थी।
अमित शाह के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र और डीजीपी दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में मंगलवार को आतंकियों ने पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। कनीपोरा इलाके में परवेज अहमद नमाज पढ़कर लौट रहे थे, तभी पीछे से आए आतंकियों ने उनपर गोलियों की बौछार कर दी। परवेज को तीन गोलियां लगीं और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह सीआईडी के लिए काम करते थे।
370 हटने के बाद शाह की पहली यात्रा
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में अमित शाह की यह पहली यात्रा है। इस दौरान वह घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर हवाई अड्डे पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शाह का स्वागत किया, जहां जम्मू कश्मीर प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
युवा क्लब के सदस्यों से करेंगे बात
गृह मंत्री दिन में बाद में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और श्रीनगर-शारजाह की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उनके यहां एक युवा क्लब के सदस्यों के साथ बातचीत करने की भी संभावना है। पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद शाह की यह पहली कश्मीर यात्रा है।
पूरे कश्मीर में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था
शाह के घाटी दौरे से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से यहां शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हाल में आम नागरिकों की हत्याओं के मद्देनजर अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की 50 कंपनियों को घाटी में शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के कई इलाकों के साथ कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीआरपीएफ) के बंकर बनाए गए हैं।
कश्मीरियों से बोले शाह, एक बार पीओके से कर लेना तुलना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार यहां पहुंचे गृहमंत्री ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के फैसले के फायदे गिनाए और कहा कि इसे स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। शाह ने कहा कि इसके बाद कश्मीर में आतंकवाद, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का खात्मा हुआ और नई शुरुआत हुई।
गृहमंत्री ने कहा, ”जम्मू कश्मीर की शांति में खलल डालना चाहते हैं, उनसे हम सख्ती से निपटेंगे। यह जो विकास की यात्रा शुरू हुई है इसमें कोई अडंगा नहीं डाल सकता है। यह हमारी प्रतिबद्धता है। आतंकवाद से यहां 40 हजार लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें सैनिक, आम नागरिक और आतंकवादी शामिल हैं। दहशतगर्दी और विकास साथ हो सकता है क्या? कभी नहीं। विकास की पहली शर्त है शांति। कौन इसको निकाल सकती है। सरकार निकाल सकती है क्या? ना भाई ना। सरकार को प्रयास कर सकती है, दहशतगर्दी को निकालने का काम यूथ क्लब के 45 हजार युवाओं को यह काम करना है। आपको शांति दूत बनकर युवाओं को बताना है कि यह रास्ता नहीं है।”
पाकिस्तान से हमदर्दी जताने वालों को जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ”पाकिस्तान की बात करने को वालों को मैं कई जवाब दे सकता हूं, लेकिन मैं आज वह नहीं करूंगा। मैं तो युवाओं से बात करने आया हूं। मैं आपको पूछना चाहता हूं पास में ही पीओके है, हमें तो अभी जम्मू-कश्मीर के विकास से संतोष नहीं है, लेकिन एक बार पीओके से तुलना कर लेना, क्या मिला? गरीबी, अंधेरे और धुएं के अलावा क्या मिला? आज भी लकड़ियां जला कर खाना बनाया जाता है।”
-एजेंसियां

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