जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को अप्रत्याशित जीत

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को इस बार घाटी में अप्रत्याशित जीत मिली है। घाटी में हुए निकाय चुनाव के दौरान बीजेपी ने दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में क्लीन स्वीप किया है। कश्मीर के आतंक प्रभावित शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों में बीजेपी ने निकाय की सीट पर जीत हासिल की है, जिससे स्थानीय स्तर पर इन जिलों में बीजेपी को एक संजीवनी मिल गई है।
शनिवार को घोषित किए जा रहे निकाय चुनाव परिणाम में बीजेपी को अब तक शोपियां के 12 वॉर्डों में विजय मिली है जबकि 5 वॉर्ड में नामांकन ना होने के कारण किसी भी प्रत्याशी का चयन नहीं हो सका है। इसके अलावा काजीगुंड नगर निकाय के चुनाव में बीजेपी ने 7 में से चार सीट जीतकर बहुमत हासिल किया है। साथ साथ पहलगाम नगर निकाय की 13 में से 7 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत हुई है। पहलगाम की शेष 6 सीटों पर कोई नामांकन ना होने के कारण यहां के प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो सका है।
गुलाम नबी के गढ़ में कांग्रेस का कब्जा
बीजेपी के अलावा कांग्रेस पार्टी ने भी दक्षिण कश्मीर और मध्य कश्मीर के कई वॉर्ड में जीत हासिल की है। कांग्रेस पार्टी को अनंतनाग के डोरू में निकाय की 17 सीटों में से 14 पर विजय मिली है। यहां निकाय की दो सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है जबकि एक अन्य सीट पर नामांकन ना होने के कारण प्रत्याशी का चयन नहीं हो सका है। डोरू के जिस इलाके में कांग्रेस को यह जीत मिली है, उसे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। मीर के इलाके के अलावा कांग्रेस को राज्य के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के जिले बडगाम में भी निकाय की कई सीटों पर जीत मिली है। बडगाम की 13 निकाय सीटों में कांग्रेस को 6 और बीजेपी को चार सीट पर विजय मिली है।
आखिरी चरण में सिर्फ 4 प्रतिशत वोटिंग
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में इस बार 13 वर्ष बाद स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न कराए गए थे। चार चरणों में हुए चुनाव के लिए आखिरी चरण की वोटिंग 16 अक्टूबर को संपन्न हुई थी, जहां घाटी में सिर्फ 4.2 फीसदी लोगों ने ही अपने वोट डाले थे। इससे पूर्व आठ अक्टूबर को पहले चरण में 83 वार्डों के लिए 8.3 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं 10 अक्टूबर को हुए दूसरे चरण में 3.4 प्रतिशत और 13 अक्टूबर को हुए तीसरे चरण के नगर निकाय चुनाव में भी महज 3.49 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
-एजेंसियां

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