उमा भारती बोलीं, अब सपा ने मायावती पर हमला किया तो मैं बचाऊंगी

लखनऊ। उमा भारती ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब गेस्ट हाउस में मायावती जी पर हमला हुआ था, तब ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी थे। अब वह नहीं हैं, तो मैं हूं अब। जैसे ही उनको संकट आए तो मेरा मोबाइल नंबर रखें और तुरंत मुझे फोन करें।
दरअसल, लोकसभा चुनाव करीब आते ही गड़े मुर्दों को उखाड़ने का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने गेस्ट हाउस कांड के बहाने बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर हमला बोला है।
बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब गेस्ट हाउस में मायावती जी पर हमला हुआ था, तब ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी थे। अब वह नहीं हैं, तो मैं हूं अब। जैसे ही उनको संकट आए तो मेरा मोबाइल नंबर रखें और तुरंत मुझे फोन करें। उन पर संकट आना जरूर है। समाजवादी पार्टी के लोग उन पर हमला जरूर करेंगे, चाहे चुनाव के पहले करें या फिर चुनाव के बाद।’
यूपी की राजनीति के सबसे चर्चित किस्सों में शुमार गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा, ‘किसी भी संकट के समय में हम ही मायावती जी के काम आएंगे। उस वक्त मायावती जी की इज्जत और जान को बीजेपी वाले ही बचाएंगे, यह बात हमें मालूम है। उन्हें मेरा नंबर दे दीजिएगा।’ गौरतलब है कि इस बार के आम चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन किया है।
क्या है गेस्ट हाउस कांड
साल 1992 में मुलायम सिंह यादव ने जनता दल से अलग हो कर समाजवादी पार्टी बनाई थी। पार्टी बनाने के बाद बीजेपी का रास्ता रोकने के लिए मुलायम ने 1993 में बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाया और सरकार बनाई। हालांकि मायावती इस सरकार में शामिल नहीं हुई थीं लेकिन 2 जून 1995 को बीएसपी ने मुलायम सरकार से किनारा करते हुए समर्थन वापसी की घोषणा कर दी और जिससे दोनों दलों का गठबंधन टूट गया। मायावती के समर्थन वापसी के ऐलान के बाद मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई।
फिर शुरू हुआ मुलायम सिंह यादव की सरकार को बचाने के लिए विधायकों के जोड़-तोड़ का सिलसिला। बात न बनती देख समाजवादी पार्टी के नाराज विधायक और कार्यकर्ता मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां कमरे में बंद बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की। वहीं इस मामले में जो एफआईआर दर्ज कराई गई थी, उसमें कहा गया था कि समाजवादी पार्टी के लोग मायावती को जान से मारना चाहते थे। इस घटना को गेस्ट हाउस कांड के तौर पर जाना जाता है।
-एजेंसियां

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