UIDAI ने खारिज की डेटाबेस में सेंधमारी की रिपोर्ट, कहा- जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा

नई दिल्ली। ‘हफपोस्ट इंडिया’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद आधार के डेटाबेस में सेंधमारी की रिपोर्ट पर UIDAI ने कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक है। इस तरह की रिपोर्ट न केवल भ्रामक है बल्कि गैरजिम्मेदाराना है। आधार की डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित है। दुनिया की कोई भी ताकत सेंधमारी नहीं कर सकता है। कुछ लोग और संगठन लगातार आधार की उपयोगिता को खारिज करने में जुटे हुए हैं। उसी कड़ी में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जिस आधार पर हम भरोसा करते हैं क्या वो सुरक्षित है। क्या कोई आप के बारे में बिना आपकी इजाजत के बगैर जानकारी इकठ्ठा नहीं कर सकता है। क्या कोई आपकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। ये सब ऐसे सवाल हैं जिस पर बार बार बहस होती है। UIDAI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जिंदगी बीत जाएगी। लेकिन कोई आधार डेटाबेस को हैक नहीं कर सकता है। ये बात अलग है कि ‘हफपोस्ट इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेटाबेस में सेंधमारी की जा सकती है।

आधार के डेटाबेस में सेंधमारी की खबरों के बीच कांग्रेस ने कहा कि विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) में दर्ज लोगों के विवरण खतरे में हैं। ‘हफपोस्ट इंडिया’ की जांच के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। ‘हफपोस्ट इंडिया’ ने खुलासा किया है कि आधार डेटाबेस, जिसमें एक अरब से अधिक भारतीयों की बॉयोमीट्रिक्स और व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं, उसमें एक सॉफ्टवेयर पैच के जरिए सेंध लगा दी गई है, जिसकी मदद से आधार की सिक्युरिटी फीचर को बंद किया जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक कोई भी अनधिकृत व्यक्ति 2,500 रुपये में आसानी से मिलने वाले इस पैच के जरिए दुनिया भर में कहीं भी आधार आईडी बना सकता है। कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा, “आधार नामांकन सॉफ्टवेयर के हैक हो जाने से आधार डेटाबेस की सुरक्षा खतरे में आ सकती है। हमें उम्मीद है कि अधिकारी भावी नामांकनों को सुरक्षित करने और संदिग्ध नामांकन की पुष्टि के लिए उचित कदम उठाएंगे।”

-एजेंसी

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