UGC ने कहा, ऑफलाइन परीक्षा न कराएं विश्वविद्यालय

नई दिल्‍ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन UGC ने गाइडलाइंस जारी की हैं। यूजीसी ने नोटिस जारी कर सभी विश्वविद्यालयों को मई में ऑफलाइन परीक्षा न कराने के लिए कहा है। आयोग ने कोविड-19 के चलते मौजूदा हालात की समीक्षा करने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेने को कहा है।
यूजीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट ugc.ac.in पर गाइडलाइंस का नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को लिखे अपने लेटर में जोर देकर कहा कि चल रही COVID-19 महामारी के दौरान, सभी का स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है जैसा कि निर्देशित किया गया है।
स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ की सुरक्षा के लिए जरूर कदम
यूजीसी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है, “COVID-19 के मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, यह अनुरोध किया जाता है कि उच्च शिक्षा संस्थान में कैंपस में फिजिकल गैदरिंग से बचने के लिए और स्टूडेंट्स, फैकल्टी और स्टाफ को राहत देने के लिए मई के दौरान ऑफलाइन एग्जाम को नहीं कराने का फैसला लिया गया है।
कब मिलेगी ऑनलाइन एग्जाम की परमीशन?
ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है, जब विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करते हैं कि वे सभी तरह से तैयार हैं और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्देशों का पालन करें।
यूजीसी गाइडलाइंस क्या हैं?
शिक्षा मंत्रालय ने सभी केंद्र से मान्यता प्राप्त संस्थानों जैसे आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs), आईआईआईटी (IIITs) और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज आदि को मई में ऑफलाइन परीक्षा आयोजित नहीं करने का निर्देश दिया है।
फिर से परीक्षा आयोजित कराने के लिए समीक्षा जून 2021 के पहले सप्ताह में की जाएगी।
हर समय कैंपस में फिजिकल गैदरिंग नहीं होनी चाहिए।
कई राज्यों में स्थगित हुए ऑफलाइन एग्जाम
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, मध्य प्रदेश यूनिवर्सिटी समेत कई राज्यों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने पहले ही कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के मद्देनजर स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए ऑफलाइन परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
-एजेंसियां

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