उद्धव सरकार मुश्‍किल में, बीजेपी ने देशमुख का इस्तीफा मांगा

मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उद्धव सरकार घिर गई है। सुशांत की मौत की जांच सीबीआई को देने के फैसले के बाद बीजेपी ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगा है तो वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पोते ने भी कहा कि सत्यमेव जयते। शिवसेना नेता संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा है कि महाराष्ट्र में हमेशा कानून का राज चलता है।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है, उसके ऑर्डर की कॉपी हमको मिलेगी, ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद हम उस पर प्रतिक्रिया देंगे।’
महाराष्ट्र बीजेपी के नेता किरीट सौमेया ने कहा, ‘सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण में गृहमंत्री अनिल देशमुख को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वहीं मुंबई पुलिस कमिश्नर ने दो महीने तक एफआईआर नहीं दर्ज की, उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए। किरीट सौमेया ने कहा कि अब सुशांत के परिवार को न्याय मिलेगा।’
पार्थ पवार ने लिखा, सत्यमेव जयते
वहीं एनसीपी नेता और शरद पवार के पोते पार्थ पवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्वीट कर लिखा, ‘सत्यमेव जयते।’ वह पहले भी सुशांत केस की जांच सीबीआई को सौंपने की वकालत कर चुके हैं।
की मृत्यु की जांच सीबीआई को सौंप दें। मुंबई पुलिस की क्षमता पर किसी को शक नहीं है लेकिन इस मामले की जांच में ढिलाई बरती जा रही थी। यह दिख रहा था। कारण सरकार जाने।’
‘महाराष्ट्र सरकार का अहंकार टूटा’
बीजेपी के प्रवक्ता और विधायक रामकदम ने सुशांत सिंह मामले पर कहा, ’66 दिनों के बाद आज सुशांत के चाहने वालों को राहत मिली सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सीबीआई जांच करेगी। महाराष्ट्र सरकार पता नहीं किस बड़े आदमी को बचाना चाहती है और अपने अहंकार की वजह से अब तक यह केस सीबीआई को नहीं दिया था जिसका आज अहंकार टूटा है, महाराष्ट्र सरकार महराष्ट्र पुलिस से भी माफी मांगे जिन्होंने उनकी छवि खराब करने का प्रयत्न किया है।’
मुंबई पुलिस की जांच पर उठे सवाल
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस में शुरुआत से ही मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। सुशांत के परिवार ने भी मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा न करते हुए रिया चक्रवती के खिलाफ बिहार पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस और बिहार पुलिस भी आमने-सामने आ गईं। मुंबई पुलिस के दो महीने तक केस में एफआईआर दर्ज न करने पर सवाल उठे।
महाराष्ट्र सरकार का तर्क
इस पूरे प्रकरण में महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा जताया और साथ ही केस को सीबीआई में ट्रांसफर करने की बात को राजनीति करार दिया। महाराष्ट्र सरकार ने सुशांत केस में राजनीति के पीछे बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव का हवाला दिया।
सीबीआई करेगी सुशांत केस की जांच
सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी है। पटना कोर्ट की एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने सही पाया है। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार जांच की सिफारिश करने में सक्षम है। कोर्ट ने ये भी माना कि मुंबई पुलिस ने जांच नहीं की।
-एजेंसियां

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