एक्‍यूप्रेशर से भी कंट्रोल हो सकती है टाइप 2 डायबिटीज

टाइप 2 डायबिटीज एक ऐसी लाइफस्‍टाइल डिजीज है जो दुनिया भर में बहुत आम हो चुकी है। अकेले भारत में ही लाखों डायबिटीज के मरीज हैं। टाइप 2 डायबिटीज में मरीज को अपने खानपान के बारे में बहुत ज्‍यादा सतर्क रहना पड़ता है ताकि उसकी ब्‍लड शुगर हमेशा कंट्रोल में रहे। ब्‍लड शुगर कंट्रोल में न रहे तो डायबिटीज के मरीज के लिए बड़ी दिक्‍कत हो सकती है।
हेल्‍दी डायट और कसरत के जरिए डायबिटीज और उसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, एक और तरीका है जिसके जरिए शुगर कंट्रोल हो सकती है, यह है एक्‍यूप्रेशर। जानकार 5 ऐसे प्रेशर पॉइंट बताते हैं अगर उन पर दबाव डाला जाए तो डायबिटीज में राहत मिल सकती है।
स्‍प्‍लीन पॉइंट
यह जगह टखने की हड्डी के दोनों ओर होती है। अगर पैर के पंजे से चार अंगुल ऊपर नापा जाए जो यह पॉइंट खोजा जा सकता है। इस जगह नियमित रूप से चार से पांच सेकंड तक दबाव डालने से शुगर कंट्रोल में लाभ देखा जाता है।
घुटनों के पीछे
ये प्रेशर पॉइंट्स घुटनों के पीछे और आगे दोनों तरफ होते हैं। ये घुटने से लगभग 2 इंच नीचे होते हैं। यहां दबाव डालने से पाचन सुधरता है और वजन नियंत्रित रहता है। इसका भी शुगर पर असर पड़ता है।
अंगूठे और तर्जनी के बीच में
अंगूठे और तर्जनी उंगली के बीच में जो हड्डी है वहां पांच मिनट मसाज करने और दबाव डालने से न केवल वजन कंट्रोल होता है बल्कि डायबिटीज भी नियंत्रित होती है।
पैर के अंगूठे और उंगली के बीच
हाथ ही की तरह पैर के अंगूठे और उसके पास वाली उंगली के बीच वाले स्‍थान भी एक और प्रेशर पॉइंट है। इसकी मसाज करने और दबाव डालने से अनिद्रा, डायबिटीज और हाइपरटेंशन में लाभ होता है। बेहतर असर के लिए इस जगह रोज पांच मिनट मसाज करनी चाहिए।
हाथ के प्रेशर पॉइंट
जहां आपकी कलाई खत्‍म होती है उस ओर सबसे छोटी वाली उंगली की तरफ कलाई पर यह प्रेशर पॉइंट होता है। यह तनाव कम करने और मनोभावों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। वजन बढ़ने और डायबिटीज की एक प्रमुख वजह तनाव भी है इसलिए यहां मसाज से काफी लाभ होता है।
लेकिन एक्‍यूप्रेशर शुरू करने से पहले इसके किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
-एजेंसियां

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