SFIO के रडार पर आई एयरसेल सहित दो और कंपनियां

SFIO से पहले ED और CBI पहले ही कर रहे हैं Aircel-Maxis सौदे की जांच

नई दिल्‍ली। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एयरसेल और उसके समूह की दो कंपनियों एयरसेल सेल्युलर और डिशनेट वायरलेस के खिलाफ जांच कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

SFIO (Serious Fraud Investigation Office) अधिकारी ने कहा कि कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने तीनों कंपनियों के खिलाफ SFIO को जांच करने का आदेश दिया है।

SFIO कार्पोरेट मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी है। वह कंपनी अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े सफेदपोश अपराधों एवं धोखाधड़ी के मामलों की जांच करती है।

वित्तीय दिक्कतों की सामना कर रही एयरसेल ने फरवरी में कर्जों के समाधान के लिए दिवाला कानून का सहारा लेने की घोषणा की थी। उसने कहा था कि नई कंपनियों के बाजार में आने, कानूनी एवं नियामकीय चुनौतियां खड़ी होने, अधिक ऋण और घाटा ” कंपनी के कारोबार और छवि पर नकारात्मक प्रभाव ” का बड़ा कारण बना है।

उल्लेखनीय है कि एयरसेल-मैक्सिस मामले में एयरसेल पहले ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में है।
एयरसेल-मैक्सिस मामला वर्ष 2006 में ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेस लिमिटेड को एयरसेल में निवेश करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की अनुमति से जुड़ा है। इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति चिदबंरम भी दोनों एजेंसियों की जांच के दायरे में है।
-एजेंसी

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