Digital Marketing पर संस्कृति विवि में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कामर्स (SOMC) द्वारा Digital Marketing पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को वर्तमान दौर में बाजार में डिजिटल टेक्नोलाजी के प्रयोग और महत्व को बताया गया। विषय विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान दौर में डिजिटल टेक्नोलाजी से मार्केटिंग के क्षेत्र में उपभोक्ता वस्तुओं के बाजार में क्रांति आ गई है। Digital Marketing ने उत्पादक, उत्पाद और उपभोक्ता के बीच सीधा संबंध बनाया है।

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए विभाग के डीन डा.सुरिंदर कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल मार्केटिंग, मार्केटिंग का वह जरिया है जिसमें उत्पाद और सेवाओं के प्रचार के लिए डिजिटल टेक्नोलाजी का प्रयोग किया जा रहा है। यह मार्केटिंग इंटरनेट आधारित है। इसमें मोबाइल, डिजिटल डिस्प्ले या अन्य डिजिटल माध्यम शामिल हैं। डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार, इंटरनेट पर सिस्टम आधारित तरीके हैं, जिसका प्रयोग कर उत्पादक उपभोक्ता को सीधे अपने उत्पाद की विशेषताएं बता सकता है। डिजिटल मार्केटिंग समग्र रूप से उत्पादक और उपोभोक्ता के बीच सीधे संपर्क के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निबाह सकता है। विशेष वर्ग और बड़ी संख्या के उपभोक्ताओं को एक साथ एक समय में पहुंच बना पाना डिजिटल मार्केटिंग से ही संभव हो सका है। इसके साथ ही उत्पादक अपने उत्पाद का किसी भी समय, किसी स्थान पर उपभोक्ता के समक्ष प्रचार कर पाने में इसी मार्केटिंग के माध्यम से सक्षम हो पाया है।

कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विषयों पर अपनी जानकारियां साझा कीं। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने डिजिटल मार्केटिंग व्यवहारिक शिक्षा के साथ डिजिटल मार्केटिंग की खूबियों को स्वयं प्रयोग कर जाना। उनको डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े कंप्युटर सिस्टम का भी प्रशिक्षण दिया गया। जानकारियों के विस्तृत आदान प्रदान और स्वयं प्रयोग कर छात्र-छात्राओं ने आत्मविश्वास में वृद्धि और विषय की अच्छी जानकारी हासिल की।

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