राम मंदिर के लिए सालाना दो करोड़ रु. देगा Mahavir Mandir

नई द‍िल्ली। अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए पटना का Mahavir Mandir न्यास हर साल दो करोड़ रुपये देगा। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट के माध्यम से Mahavir Mandir Trust यह राशि प्रदान करेगा।

आचार्य किशोर कुणाल सेवानिवृत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी तथा संस्कृत अध्येता हैं। वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे पटना के महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी हैं।
आचार्य किशोर कुणाल सेवानिवृत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी तथा संस्कृत अध्येता हैं। वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे पटना के महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी हैं।

न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने शनिवार को अयोध्या से फोन पर यह जानकारी दी। वे इस समय अयोध्या में ही हैं। अयोध्या में राम जन्मस्थल के बगल में स्थित अमावा मंदिर में बालरूप राम की स्थापना के लिए गए हुए हैं। वे अमावा मंदिर के भी सचिव हैं। उनके मुताबिक यह फैसला पहले ही लिया जा चुका है।

आचार्य किशोर कुणाल सेवानिवृत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी तथा संस्कृत अध्येता हैं। वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे पटना के महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी हैं। वे पटना के ज्ञान निकेतन नामक प्रसिद्ध विद्यालय के संस्थापक भी हैं।

महावीर मंदिर न्यास पटना की ओर से अयोध्या में राम रसोई शुरू करने की भी घोषणा पहले की जा चुकी है। बता दें कि अयोध्या विवाद को लेकर वे भी पक्षकारों में शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद को लेकर चालीस दिनों तक चली सुनवाई के दौरान उनके द्वारा अयोध्या में राम जन्म भूमि को लेकर छह दस्तावेजों के आधार पर तैयार नक्शा भी उपलब्ध कराया गया था। जिसको विपक्षी पक्षकार के वकील ने फाड़ दिया था। उनके द्वारा लिखित ‘अयोध्या रीविजिटेड'(Ayodhyā Revisited) और ‘अयोध्या बियांड एड्यूस्ड एविडेंस’ (Ayodhya Beyond Edge Evidence) में भी इससे संबंधित नक्शा दिया गया है।

महावीर मंदिर न्यास पटना के सचिव पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर दिए गए फैसले पर खुशी का इजहार किया। कहा कि फैसला ऐतिहासिक है। सभी पक्षों को फैसले का स्वागत करना चाहिए। खुशी की बात है कि जिस जमीन पर दावा था, वह रामलला को मिल गयी है। राममंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने उनके नक्शे को प्रमाणिकता दे दी है। उन्होंने सुनवाई के दौरान अयोध्या राम जन्मभूमि को लेकर कई दस्तावजों के आधार पर तैयार नक्शे को सबूत के तौर पर कोर्ट में जमा किया था। उनके नक्शे द्वारा जो बात बतायी गयी थी उसी से जुड़ा फैसला आया है। नक्शे में मस्जिद के मध्य भाग के नीचे रामजन्म भूमि के निशान हैं। जिसे अब मान्यता मिल गयी है। कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अब सरकार नियमावली बनाएगी। ट्रस्ट बनाने का काम होगा।

– एजेंसी

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