BSP के दो बड़े नेता सपा में शामिल, सपा की दिल्ली इकाई भी भंग

लखनऊ । आज सोमवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि BSP (बहुजन समाज पार्टी) के कद्दावर नेता घूरा राम व फूलन सेना के अध्यक्ष गोपाल निषाद ने आज सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली, साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से पार्टी की दिल्ली इकाई को भंग कर दिया। सोमवार सुबह समाजवादी पार्टी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी गई। बीते 23 अगस्त को ही उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को छोड़कर पार्टी की सभी जिला व महानगर कार्यकारिणी को अध्यक्ष सहित भंग कर दिया गया था। यह फैसला लोकसभा चुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा करने के बाद लिया गया था। विधानसभा क्षेत्रों की कमेटियां भी अध्यक्ष सहित तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गईं थीं। इसी के साथ पार्टी के चारों युवा संगठनों की राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यकारिणी भी अध्यक्ष समेत भंग कर दी गई थी।

घूरा राम BSP सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे। इसके अलावा फूलन सेना के अध्यक्ष गोपाल निषाद समेत कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ किसान आत्महत्या कर रहा है, दूसरी ओर भ्रष्टचार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इंवेस्टर समिट और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का प्रचार जोरशोर से हुआ, कई उद्योगपति भी बुलाए गए पर जमीन पर कुछ नहीं हुआ। राजनीतिक विश्लेषक और अर्थशास्त्री सच बता रहे हैं। आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। इसी का कारण है कि बांग्लादेश का पैसा आज भारत के पैसे से आगे निकल गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिन मंत्रियों को सरकार हटाना चाहती थी, उनको नहीं हटा पाई। यह बात सरकार ने खुद मानी कि उन मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप थे। इस तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति फेल हो गई।

अखिलेश यादव ने आजम खां मामले में आईपीएस अधिकारी को भी लपेटा। उन्होंने कहा कि नोएडा के आईपीएस ने क्या-क्या नहीं किया। उस आईपीएस को इसलिए बैठाया गया ताकि आजम खां न निकल पाए। अखिलेश ने आजम के ऊपर लगे 70 मुकदमों को झूठा बताया।

अखिलेश ने कहा कि इस समय देश नाजुक दौर से गुजर रहा है। किसान आत्महत्या की सूचनाएं मिल रही हैं। लूट, दुष्कर्म की वारदातें बढ़ी हैं। यूपी में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि ईडी व सीबीआई के डर से लोकतंत्र चलाया जा रहा है। बीजेपी के पास हमेशा ध्यान हटाने वाला मुद्दा रहता है। जबकि राजधानी में चारो तरफ गैर कानूनी काम हो रहे हैं। सरकार एक बार में सूची क्यों नहीं देती कि उत्तर प्रदेश में कितने अपराधी हैं और कितनों पर ईनाम है।

अखिलेश ने कहा कि पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या करने वालों का स्वागत किया जा रहा है, जबकि मानवाधिकार के सबसे ज्यादा नोटिस उत्तर प्रदेश को मिले हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के आने पर गोमती रिवरफ्रंट की लाइट जला दी जाती है और उनके जाने के बाद लाइट बंद कर दी जाती है। सरकार तो गौमाता को भी नहीं बचा पा रही है।
– एजेंसी

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