गाइडलाइन लागू करने के लिए ट्विटर ने सरकार से 3 महीने का समय मांगा

नई दिल्‍ली। टूलकिट विवाद और सोशल मीडिया गाइडलाइंस को लेकर ट्विटर ने चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया कंपनी ने गुरुवार को कहा कि सरकार डेडलाइन लागू करने के लिए 3 महीने की मोहलत दे। साथ ही नियमों को लेकर अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में पड़ने को लेकर चिंता भी जाहिर की। हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा ट्विटर के दिल्ली और गुड़गांव स्थित दफ्तरों पर हुए एक्शन को लेकर भी कंपनी फिक्रमंद है।
ट्विटर ने 4 मुद्दों पर दिया जवाब
1. दिल्ली पुलिस के एक्शन पर
ट्विटर ने कहा कि हम भारत में अपने स्टाफ की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हैं। अभी हमारे इम्प्लॉइज के साथ भारत में जो घटना हुई, इसके अलावा जिन लोगों को हम सर्विस देते हैं, उनकी अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर हम परेशान हैं। हालांकि, ट्विटर ने सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस का नाम नहीं लिया पर कहा कि हम भारत की कई सोसाइटीज और दुनियाभर में पुलिस की धमकाऊ प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं।
2. सोशल मीडिया नियमों पर
हम नियमों को लागू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ये पूरी तरह पारदर्शिता के उसूलों के साथ होगा। हम पूरे मामले में भारत सरकार के साथ अपनी बातचीत को जारी रखेंगे। हमारा मानना है कि इस मामले में दोनों ओर से सहयोगात्मक रवैया अपनाना जरूरी है। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि हमें 3 महीने का वक्त दिया जाए ताकि हम इन नियमों को लागू कर सकें।
3. भारत में अधिकारी की नियुक्ति पर
गाइडलाइंस में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारत में ही एक ग्रेवांस अफसर की नियुक्ति की बात कही गई है। इस नियम को लेकर हम फिक्रमंद हैं कि प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को लेकर ग्रेवांस अफसर क्रिमिनली जवाबदेह होगा। इस नियम से ये पहुंच खतरनाक स्तर तक बढ़ जाएगी।
4. गाइडलाइन किस तरह लागू करेंगे
हम भारत के लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी सर्विस भारत में कम्युनिकेशन के लिए प्रभावी जरिया साबित हुई है। महामारी के समय ये संबल का जरिया भी बनी है। अपनी सेवाओं को जारी रखने के लिए हम ये नियम लागू करने का प्रयास करेंगे। जो नियम हम लागू कर सकते हैं, उनके लिए कोशिश करेंगे लेकिन जिस तरह हम पूरी दुनिया में करते हैं। नियम लागू करते वक्त हम पारदर्शिता, अभिव्यक्ति को मजबूती, अभिव्यक्ति की आजादी और प्राइवेसी की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेंगे।
-एजेंसियां

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