Tulsi Gabbard ने आचार्य लोकेश के साथ की चर्चा

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव की उम्मीदवार श्रीमती Tulsi Gabbard ने संयुक्त राज्य अमेरिका में शांति और सदभाव दौरे के दौरान जैन आचार्य डॉ लोकेश मुनि से मुलाकात की। आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए जैन संत से आशीर्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आध्यात्मिक संकट से जूझ रही है। आध्यात्मिक नेता विश्व शांति और सदभाव प्राप्त करने की दिशा में रास्ता दिखा सकते हैं। उसने कहा कि अमेरिका ने हमेशा ज्ञान के प्रसार का समर्थन किया है। आध्यात्मिक ज्ञान ज्ञान का उच्चतम रूप है जो आध्यात्मिक नेताओं के पास है, वे आने वाले दशकों में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

श्रीमती Tulsi Gabbard ने अमरीका में आचार्य डॉ। लोकेश मुनि की शांति और सदभाव यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि गरीबी, हिंसा और अशिक्षा प्रमुख वैश्विक समस्याएं हैं। अमेरिका और भारत के राजनीतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और व्यापारिक नेता इन वैश्विक समस्याओं को हल करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। वह अहिंसा विश्व भारती के 15 वें स्थापना वर्ष पर आचार्य डॉ लोकेश मुनि के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रही थीं। अहिंसा विश्व भारती के अंतर्राष्ट्रीय समन्वयक डॉ राज भायानी और श्री बिपिन संगनकर प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।

आचार्य डॉ लोकेश मुनि ने आगामी यूएसए राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल करने के लिए तुलसी गबार्ड को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हमारे सामने तीन प्रमुख चुनौतियां हैं, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और असमानता। इन समस्याओं के समाधान महावीर दर्शन, अहिंसा (अहिंसा), अनेकांत (विविधता में एकता) और अपरिग्रह (त्याग) में हैं। शांति शिक्षा कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए आचार्य लोकेश ने कहा कि 21 वीं सदी आध्यात्मिकता की होगी। धर्म को अध्यात्म और विज्ञान से जोड़ने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म को सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से काम करना चाहिए और सामाजिक बुराइयों को दूर करने में मदद करनी चाहिए। विकास के लिए शांति आवश्यक है। शांति और समृद्धि का गहरा संबंध है। उन्होंने स्कूल शिक्षा के हिस्से के रूप में ‘शांति शिक्षा’ शुरू करने पर जोर दिया।

आचार्य लोकेश ने श्रीमती तुलसी को JAINA कन्वेंशन 2019 के बारे में 4 जुलाई से 7 जुलाई 2019 तक लोसएन्जलिस में आयोजित होने की जानकारी दी। कन्वेंशन में उत्तरी अमेरिका के 69 जैन केंद्रों के प्रतिनिधियों के अलावा, कनाड़ा, अमेरिका, ब्रिटेन और भारत के 4000 से अधिक जैन प्रतिनिधि शामिल होंगे। संयुक्त राज्य अमेरिका में 1.5 लाख से अधिक जैन आबादी है।

एक संत व सामाजिक सुधारक और एक शांति दूत आचार्य डॉ. लोकेश मुनि , ‘अहिंसा विश्व भारती’ के संस्थापक अध्यक्ष का उद्देश्य दुनिया में शांति, सद्भाव और अहिंसा को बढ़ावा देना है। वह ध्यान, योग और शांति शिक्षा के क्षेत्र में एक मास्टर हैं और उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति, भारत के प्रधान मंत्री और कई अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा शांति और सद्भाव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आचार्य के प्रयास लोकेश मुनि और कई प्रतिष्ठित नेताओं ने सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जैन समुदाय को अल्पसंख्यक दर्जा देने की घोषणा की। आचार्यजी ने 2001 में भूकंप पीड़ितों के पुनर्वास कार्यक्रमों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। और शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए उन्होंने 2008 में गुर्जर आन्दोलन द्वारा हिंसा को समाप्त करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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