किम से फोन पर बात करना चाहते हैं ट्रंप

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से फोन पर बात करना चाहते हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई है कि दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच अगले हफ़्ते होने वाली बातचीत से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कुछ कम होगा.
शनिवार को कैंप डेविड में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “हमेशा बात करने में यक़ीन किया है” और उन्हें किम से सीधे बात करने में “कोई दिक़्क़त नहीं होगी.”
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस बातचीत के लिए कुछ शर्तें पहले से तय होंगी.
‘खेलों से बात आगे बढ़ने की उम्मीद’
अमरीकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि दोनों कोरियाई देशों के बीच दो साल में पहली बार होने वाली मुलाक़ात शीत ओलिंपिक में उत्तर कोरिया के हिस्सा लेने के दायरे से आगे भी जाएगी. उन्होंने कहा कि सही समय आने पर अमरीका भी इस संवाद में हिस्सा लेगा.
अब तक किम जोंग उन और ट्रंप की एक दूसरे पर तीखी बयानबाज़ी चर्चा में रही है. ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता के बारे में यहां तक कह चुके हैं कि ‘रॉकेटमैन ख़ुदकुशी के मिशन पर है.’
बीते साल में अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया को पूरी तरह तबाह करने की धमकी भी दी थी. नए साल की शुरुआत में किम जोंग उन ने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा था कि परमाणु हथियार वाला बटन उनकी मेज़ पर ही है. जिसके जवाब में ट्रंप ने कहा था कि उनके पास बड़ा बटन है और वह काम भी करता है.
कैसे हुई इस बातचीत की शुरुआत?
नए साल के संबोधन में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने दक्षिण कोरिया में होने जा रहे विंटर गेम्स के कामयाब रहने की उम्मीद जताई थी. ये खेल 9 फरवरी से 25 फरवरी तक प्योंगचांग शहर में होने हैं.
उन्होंने कहा था कि वह एक प्रतिनिधिमंडल भेजने पर विचार कर रहे हैं.
इसके जवाब में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ-इन ने उत्तर कोरिया के साथ इस विषय पर विस्तृत बातचीत के लिए बैठक करने का सुझाव दिया था.
ओलिंपिक्स पर मून का प्रस्ताव और किम की टिप्पणी की दोनों देशों के खेल प्रतिनिधियों के बीच हुई दो गुप्त बैठकों का नतीजा हैं, जो पिछले साल दिसंबर के आख़िर में चीन में हुई थीं.
इन बैठकों में दोनों कोरिया के अधिकारियों ने 2018 में खेलों में भाग लेने पर सहमति जताई थी.
किस बारे में बात होगी?
इसी हफ्ते उत्तर कोरिया ने उस बैठक में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार किया जिसमें विंटर ओलिंपिंक में खिलाड़ियों को भेजने पर चर्चा होगी.
पिछले दो सालों में इस तरह की ये पहली बैठक है और उम्मीद है कि यह पैनमुनजोम में होगी, जहां पर दोनों पक्ष ऐतिहासिक रूप से वार्ता के लिए मिलते रहे हैं.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस बैठक की प्राथमिकता प्योंगचांग विंटर गेम्स होंगे.
हालांकि उन्होंने दक्षिण कोरिया की योनहाप समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि उत्तर कोरिया के खेलों में भाग लेने की बात पक्की हो जाए तो दोनों देशों के रिश्ते सुधारने पर भी चर्चा हो सकती है.
यह बड़ी प्रगति है?
जिस समय उत्तर और दक्षिण कोरिया रिश्तों को ओलिंपिक खेलों के जरिए सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, अमरीका ने दक्षिण कोरिया की तरफ से की गई संयुक्त युद्ध अभ्यासों को रोकने की गुज़ारिश मान ली है.
इससे पहले इसी हफ्ते उत्तर कोरिया ने अपनी सीमा पर टेलीफ़ोन हॉटलाइन को फिर से शुरू कर दिया था ताकि दोनों के बीच संपर्क हो सके.
हालांकि, बहुत से लोग इस बात को लेकर संदेह जता रहे हैं कि अगले हफ्ते होने वाली वार्ता और उत्तर कोरिया के खेलों में शामिल होने का कोई महत्व है.
-BBC