ट्रंप प्रशासन ने ओबामाकेयर के बजट में की बड़ी कटौती

वॉशिंगटन। ओबामाकेयर को निरस्त करने वाले बिल को पास कराने में असफल होने के कुछ हफ्तों बाद अब ट्रंप प्रशासन ने ओबामाकेयर प्रोग्राम के बजट में बड़ी कटौती करते हुए इसके प्रचार-प्रसार पर खर्च को 90 प्रतिशत घटाने का फैसला लिया गया है। जहां पहले इस पर 10 करोड़ डॉलर खर्च किए जा रहे थे वहीं अब इस घटाकर 1 करोड़ डॉलर कर दिया गया है। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर लोगों से मिलकर उन्हें इस योजना से जोड़ने के लिए खोले गए सेंटर्स के बजट को भी 41 प्रतिशत कम कर दिया गया है। इन दोनों को मिलाकर ओबामाकेयर के फंड में कुल 72 प्रतिशत कटौती की गई है।
अमेरिकी सरकार ओबामाकेयर को जनता तक दो तरीके से पहुंचाती है। पहला विज्ञापन के जरिए और दूसरा व्यक्तिगत तौर पर लोगों को मदद देकर। ट्रंप प्रशासन ने अब इन दोनों ही ऐक्टिविटिज के बजट से भारी-भरकम कटौती कर दी है। ओबामा प्रशासन ने पिछले साल 10 करोड़ डॉलर रुपये ओबामाकेयर के विज्ञापन पर खर्च किए थे।
आउटरीच सिस्टम के जरिए कुछ जगहों पर सेंटर खोले गए थे जहां पर एनरॉलमेंट वर्कर्स लोगों को इस इंश्योरेंस के बारे में बताते थे और उन्हें सबसे सही प्लान लेने में मदद करते थे। पर अब फंड न मिलने की वजह से स्टाफ को सैलरी नहीं मिल पा रही है और नतीजतन सेंटर्स बंद करने पड़ रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर लोग इस योजना के बारे में पहले से ही जानते हैं। ऐसे में एनरॉलमेंट वर्कर्स की जरूरत नहीं है जो बेहद कम लोगों को इस प्लान से जोड़ पाए हैं। हालांकि, ओबामाकेयर के पैरोकारों का कहना है कि बजट में इस तरह की कटौती से इस योजना पर बहुत बुरा असर पड़ेगा क्योंकि अब लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंश्योरेंस कमिशनर्स में वकील टिमोथी जोस्ट ने कहा, ‘बीमार लोग भले ही इंश्योरेंस करवा लें लेकिन युवा और स्वस्थ लोगों को इस इंश्योरेंस प्लान से जोड़ना मुश्किल हो जाएगा।’
क्या है ओबामाकेयर?
अमेरिकी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के मकसद से बाराक ओबामा ने जो हेल्थकेयर प्लान शुरू किया, उसे ही ओबामाकेयर के नाम से जाना जाता है। इसका आधिकारिक नाम द पेशंट प्रोटेक्शन ऐंड अफोर्डेबल केयर ऐक्ट (पीपीएसीए) है और 23 मार्च 2010 को इस बारे में कानून बना। इस कानून का मकसद अमेरिका में हेल्थ इंश्योरेंस की क्वॉलिटी और अफोर्डिबिलिटी को बढ़ाना और स्वास्थ्य मामलों पर लोगों द्वारा खर्च की जानेवाली रकम को कम करना है। इस कानून के तहत जिन लोगों के पास इंश्योरेंस कवर नहीं है, वह ओबामाकेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस कानून के तहत प्राइवेट कंपनियां पहले से निर्धारित रिस्क कंडीशन के आधार पर किसी भी शख्स को इंश्योरेंस कवर देने से इंकार नहीं कर सकती हैं।
-एजेंसी