आंधी-पानी से त्रिपुरा बेहाल, करीब 23,000 लोग हुए बेघर

Tripura Behal with storm-water, About 23,000 people are homeless
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

नई दिल्ली। तेज तूफान के बाद बाढ़ ने त्रिपुरा में करीब 23,000 लोगों को बेघर कर दिया है। यह जानकारी राज्य आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने दी है।
सबसे ज्यादा असर पश्चिम त्रिपुरा, गोमाटी और कोवाई जिलों पर पड़ा है। विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कैंप्स लगाए गए हैं।
पहाड़ियों से आता पानी बना मुसीबत
अधिकारियों ने बताया है कि पानी का स्तर खतरे के निशाने से नीचे पहुंच रहा है लेकिन पहाड़ियों से पानी नीचे की ओर बहता जा रहा है और मैदानी इलाकों में बाढ़ का कारण बन रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद
पश्चिम त्रिपुरा के जिला मैजिस्ट्रेट संदीप महात्मा ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इन इलाकों में खाना, पीने लायक पानी और बच्चों के लिए दूध पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल इमर्जेंसी से निपटने के लिए डॉक्टर्स भी लगाए गए हैं।
विस्थापित हो रहे लोग
गोमाटी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से कई लोगों को उदयपुर और सोनामूरा स्थित कैंप्स में भेजा गया। खोवाई, ढलाई, मनू और देव में भी पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है।
बड़े स्तर पर जनजीवन प्रभावित
प्री मॉनसून बरसात और तूफान में कम से कम 14 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 24 लोग घायल हो चुके हैं। करीब 10,000 झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।
राज्य में जारी अलर्ट
त्रिपुरा सरकार ने राज्य में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ के कारण रविवार को हुए भूस्खलन में दो लोगों की जान जाने के बाद लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरसने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने किया था दौरा
मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। भूस्खलन के कारण जान गंवाने वाले लोगों के लिए वह मुआवजे का ऐलान भी कर चुके हैं।
यातायात प्रभावित
नेशनल हाइवे पर पानी भरने से सड़क मार्ग तो बाधित है, ट्रैक्स पर पानी भरने से रेलवे सेवाएं भी ठप हैं।
-एजेंसी

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