ट्रिपल तलाक: जावेद अख्तर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कदम को बताया झूठा

Triple Talaq: Javed Akhtar rejects the steps of the Muslim Personal Law Board
Triple Talaq: Javed Akhtar rejects the steps of the Muslim Personal Law Board

नई दिल्‍ली। ट्रिपल तलाक पर देशभर में जारी बहस के बीच गीतकार जावेद अख्तर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कड़े शब्दों में विरोध किया है. जावेद ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उस कदम को झूठा बताया है जिसमें उन्होंने ट्रिपल तलाक का गलत उपयोग करने वालों का बायकॉट करने की बात कही है. अख्तर ने कहा कि ट्रिपल तलाक अपने आप में एक शोषण है और इसे बैन किया जाना चाहिए. जावेद अख्तर यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थक हैं और वह कई मौकों पर ट्रिपल तलाक का विरोध कर चुके हैं.

सोमवार सुबह जावेद अख्तर ने ट्वीट किया, “ट्रिपल तलाक का गलत उपयोग करने वालों का बहिष्कार करने का एआईएमपीएलबी का कदम एक झूठ है. ट्रिपल तलाक खुद में एक शोषण है जिसे बैन किया जाना चाहिए. वे उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं.”

AIMPLB call for boycotting abusers of triple talaq is a hoaxTriple talaq it self is an abuse n should be banned They are trying to stall it
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) April 17, 2017

अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “ट्रिपल तलाक के गलत उपयोग का मतलब क्या है? कल हम सुनेंगे छेड़छाड़ का गलत उपयोग, रेप का गलत उपयोग, पत्नि को मारने का गलत उपयोग.”

What is the meaning of “misuse of triple talaq” . Tomorrow we may hear of misuse of molestation. Misuse of rape misuse of wife beating .
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) April 17, 2017

ट्रिपल तलाक का मुद्दा रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद गरमा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्लिम बहनें तकलीफ में हैं. उनके साथ न्याय होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी का रुख एकदम साफ है.

दूसरी तरफ ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दावा किया कि देश में शरिया कानूनों में किसी भी तरह की दखलंदाजी को सहन नहीं किया जाएगा. साथ ही हिन्दुस्तान के ज्यादातर मुसलमान मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह का बदलाव नहीं चाहते. बोर्ड ने कहा कि मुस्लिम दहेज के बजाय संपत्ति में हिस्सा दें, तलाकशुदा महिला की मदद की जाए. बोर्ड तीन तलाक की पाबंदी के खिलाफ है.

-एजेंसी

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