तीन तलाक बिल Winter Session तक टला

विपक्ष के हंगामे के चलते तीन तलाक बिल नहीं हो सका राज्यसभा में पेश, Winter Session से आशा

नई दिल्ली। तीन तलाक बिल आज भी राज्यसभा में पेश नहीं हो सका और अब इसे Winter Session तक के टाल दिया गया है, इस बीच खरें आ रही हैं कि बिल को लेकर अमित शाह ने पार्टी सदस्‍यों के साथ लगातार दो बार बैठक कीं ताकि इसी सत्र में बिल को पास करा लिया जाये। उधर राफेल विमान सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे और आम सहमति न बन पाने की वजह से तीन तलाक बिल इस मॉनसून सत्र में भी राज्‍यसभा में नहीं पेश हो सका। उम्‍मीद है कि अब इसे संसद के Winter Session में पेश किया जाएगा। इससे पहले विपक्ष के भारी हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को दो बार स्‍थगित हुई, जिसके चलते यह विधेयक पेश नहीं हो पाया।

दरअसल संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन सरकार और विपक्ष आमने-सामने रही। सरकारी की कोशिश थी कि किसी भी हाल में आज तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास हो जाए, लेकिन विपक्ष ने बिल पेश करने से पहले ही राफेल डील पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। इस बिल को राज्यसभा में पास कराने के उद्देश्य से और उस पर रणनीति बनाने के लिए ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने तीन तलाक पर वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, प्रकाश जवाड़ेकर और विजय गोयल शामिल थे. इससे पहले शुक्रवार सुबह ही अमित शाह ने बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ बैठक की थी। हालांकि अभी तय स्पष्ट नहीं हो सका है कि वरिष्ठ मंत्रियों की इस बैठक में क्या तय किया गया।

उपसभापति हरिवंश ने सुबह के सत्र का संचालन किया और उनके आसन में बैठने पर सदस्यों ने उनका स्वागत किया। उपसभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपील की कि वे सदन में शून्यकाल चलने दें। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि राफेल सौदा एक बड़ा घोटाला है और उन्होंने इसकी जेपीसी से जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है। इस पर उपसभापति ने कहा कि सभापति ने उनके नोटिस को स्वीकार नहीं किया है।

शून्यकाल में ही तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद गैर सरकारी कामकाज होता है और उस अवधि में विधायी कार्य नहीं हो सकते। इस पर संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में यह सहमति बनी थी कि शुक्रवार को विधायी कार्य किए जाएंगे, क्योंकि द्रमुक नेता करूणानिधि के सम्मान में सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी। हालांकि डेरेक और आनंद शर्मा ने कहा कि बीएसी में ऐसी कोई सहमति नहीं बनी थी। गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि तीन तलाक विधेयक को पारित किया जाए।

बाद में सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि बीएसी बैठक में सुझाव दिया गया था कि शुक्रवार को विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। सदन में हंगामे के बीच ही शून्यकाल चला। एक बार सपा के दो सदस्य आसन के समक्ष भी आ गए। सदस्यों ने शोरगुल के बीच ही लोक महत्व के विषय के तहत अपने अपने मुद्दे उठाए। हंगामे को देखते हुए उपसभापति ने 11 बजकर करीब 55 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे बैठक फिर शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा दिखा और सभापति नायडू ने बैठक दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
-एजेंसी

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