KD Hospital में दुघर्टना के घायलों का इलाज प्राथमिकता पर

मथुरा। KD Hospital के हड्डी रोग विभाग के डा. अमन गोयल बोले-दुघर्टना के शुरुआती कुछ घंटे तय करते हैं कि चिकित्सक घायल को जीवनदान दिला पाएंगे या नहीं। मल्टी स्पेशियेलिटी KD Hospital में सडक दुघर्टना के बाद एक जागरुक नागरिक मनोज धनगर द्वारा भर्ती कराए मरीज योगेश ने खुशी के आंसु पोछते हुए बताया कि मुझे अगर एक घंटे लेट और भर्ती कराया होता तो मेरा जीवन समाप्त हो गया होता। तब मेरे बच्चों का क्या होता ! उसने उस जागरुक नागरिक मनोज धनगर को धन्यवाद देते हुए संकल्प लिया कि भी अपने जीवन में दुघर्टना में घायल मरीजों को देखकर मुंह छिपाकर दुघर्टना स्थल से कभी भागेगा नहीं। हमेशा घायलों को यथासंभव जल्द से जल्द नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराकर पुण्य लाभ कमाएगा।
मल्टी स्पेशियेलिटी KD Hospital के हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक डा. अमन गोयल ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के लिए दुघर्टना के बाद के तीन घंटे उसके जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ये दो या तीन घंटे ही तय करते हैं कि कोई चिकित्सक उसे जीवन दान दिला पाएगा या नहीं। इन दो-तीन घंटों की देरी मरीज के जीवन को मौत की ओर खींच कर ले जाती है। इसी से हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि दुघर्टना के शिकार व्यक्ति को प्राथमिकता से चिकित्सालय तक पहुंचाए। डा. गोयल ने बताया कि उन्होंने बीते गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा था कि यदि कोई व्यक्ति दुघर्टना में आपके सामने घायल हो तो आप बच्चों को चाहिए कि दुघर्टना में घायल लोगों को चिकित्सालय पहुंचाएं या परिजनों से ऐसा करने की रिक्वेस्ट करें। यदि देश का हर जिम्मेदार नागरिक, बच्चा, युवक और युवतियां ऐसा करने लग जाएं तो दुघर्टनाओं में मृतकों की संख्या दर को काफी घटाया जा सकता है। तमाम परिवारों के अनाथ होने से रोका जा सकेगा। हम अपने अजीज को अपनों से बिछुडने से रोक सकेंगे। मरीज ने बताया कि उसकी दुघर्टना टप्पल से हाथरस जाते समय बिचपुरी के निकट हुई थी। उसे एक जागरुक नागरिक मनोज धनगर ने दुघर्टना स्थल से उठाकर प्राथमिक चिकित्सा दिलाई। इसके बाद केडी हास्पीटल में अपनी टूटी हड्डियों को इलाज करा रहा है। अब वह काफी ठीक हो गया है।

हर नागरिक को करनी चाहिए दुघर्टना में घायलों की मदद-डा. रामकिशोर अग्रवाल

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि दुघर्टना में घायल व्यक्ति के लिए दो या तीन घंटे बहुत कीमती होते हैं। माननीय न्यायालय ने भी अपने आदेशों में कई बार कहा कि दुघर्टना में घायल लोगों को भर्ती कराने वाले व्यक्तियों को पुलिस पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं करेगी। हर चिकित्सालय को घायलांे को प्राथमिक चिकित्सा देना अनिवार्य होगा। ऐेसे में हर नागरिक को घायलों की मदद करनी चाहिए। केडी हास्पीटल में दुघर्टना में घायल मरीजांे को इलाज प्राथमिकता पर होता है।

दिल्ली-आगरा ले जाने के बजाय त्वरित इलाज को केडी हास्पीटल आएं-मनोज अग्रवाल

आरके एजुकेशन हब के एमडी मनोज अग्रवाल ने बताया कि केडी मेडिकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर के एनएच-2 पर होने के फायदा दुघर्टना में घायल लोगों के परिजनों को उठाना चाहिए। उन्हें अपने घायलों को त्वरित इलाज के लिए केडी हास्पीटल में भर्ती कराना चाहिए। न कि दिल्ली या आगरा भेजने में समय नष्ट करें। उन्हें केडी हास्पीटल में ही दिल्ली और आगरा जैसी सुविधाएं कम फीस पर उपलब्ध कराई जा रही हंै। सुपर स्पेस्लिस्ट चिकित्सक चैबीसों घंटे उपलब्ध हैं।

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