कोरोना के इलाज को रेमडेसिवीर, टोसिलीज़ुमाब और प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति

नई दिल्‍ली। भारत ने ख़ास समूहों के कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए रेमडेसिवीर, टोसिलीज़ुमाब और प्लाज्मा थेरेपी के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों के लक्षण में स्वाद और गंध के जाने को भी शामिल किया है.
रेमडेसिवीर के एंटी वायरल दवाई है जिसे कैलिफ़ोर्निया की बायोफ़ार्मा कंपनी गिलिएड साइंस ने इबोला के इलाज के लिए बनाई थी. कोविड-19 के इलाज़ में भी इसके इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर में ट्रायल हुआ और सबके नतीजे अलग-अलग रहे.
इसे एक जून को भारत की टॉप ड्रग रेग्युलेटरी बॉडी ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस्तेमाल की अनुमति दी थी. टोसिलीज़ुनाब का इस्तेमाल गठिया के इलाज में किया जाता है.
इसे भारत में रोचे फ़ार्मा बनाती है. यह भारत में एक्टेमरा ब्रैंड नेम से बिकती है. टोसिलीज़ुमाब मुंबई में मरीज़ों को दी भी गई है. प्लाज्मा थेरेपी से भी दिल्ली में कोरोना मरीज़ों का इलाज किया गया है लेकिन हर बार नतीजे बहुत उत्साहजनक नहीं रहे हैं.
-BBC

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