हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर ‘नादानी भरा’ ट्वीट करके फंसे ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादी और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर ‘नादानी भरे’ ट्वीट कर घर में ही घिर गए।
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रेप्रजेंटेटिव) की विदेश मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने हाफिज को लेकर ट्रंप को कुछ तथ्यों से रू-ब-रू कराया।
ट्रंप को बताए हाफिज से जुड़े तथ्य
हाउस फॉरन अफेयर्स कमेटी ने ट्रंप के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘आपकी जानकारी के लिए, पाकिस्तान उसे 10 वर्षों से खोज नहीं रहा था। वह आजाद था और दिसंबर 2001, मई 2002, अक्टूबर 2002, अगस्त 2006 में दो बार, दिसंबर 2008, सितंबर 2009 और जनवरी 2017 में गिरफ्तार और रिहा हुआ।’ आखिर में लिखा है, ‘उसे दोषी ठहराए जाने तक इंतजार कीजिए।’
हाफिज की गिरफ्तार पर क्या कहा था ट्रंप ने?
दरअसल, ट्रंप ने हाफिज की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा, ’10 वर्षों की तलाश के बाद मुंबई आतंकी हमलों का ”तथाकथित” मास्टरमाइंड पाकिस्तान में गिरफ्तार हो गया है।’ इस ट्वीट से लगता है कि ट्रंप शायद इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि हाफिज सईद 10 वर्षों से कहीं छिपा नहीं था, बल्कि पाकिस्तान में ही आजाद घूम रहा था, रैलियां कर रहा था और आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए चंदे जुटा रहा था। इस दौरान वह कई बार गिरफ्तार और रिहा हुआ। ट्रंप ने ट्वीट में यह भी कहा था कि हाफिज को ढूंढने के लिए पिछले दो वर्षों से बहुत दबाव बनाया गया था।
ट्रंप की बेखबरी के और भी मामले
बहरहाल, ट्रंप की बेखबरी का यह कोई अकेला मामला नहीं है। वह नोबेल पुरस्कार विजेता यजीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद के काम एवं योगदान से भी बेखबर नजर आए। मुराद इराक के यजीदियों की मदद का अनुरोध लेकर बुधवार को ट्रंप से मुलाकात करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने मुराद से पूछा, ‘और आपको नोबेल पुरस्कार मिला है? यह अद्भुत है। किस कारण से आपको यह मिला?’ ट्रंप उस वक्त भी बेखबर से नजर आए जब उन्होंने रोंहिग्याओं के एक प्रतिनिधि से मुलाकात की थी।
-एजेंसियां

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