अनुराग कश्यप की फिल्म ‘सांड की आंख’ का Trailer Release

मुंबई। लंबे इंतजार के बाद अनुराग कश्यप की फिल्म ‘सांड की आंख’ का Trailer Release हो गया है। फिल्म की शुरुआत से ही काफी चर्चा हो रही थी। फिल्म में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म इस साल दीवाली पर रिलीज होने वाली है। फिल्म शूटर दादियों की जांबाजी की कहानी पर बेस्ड है।
बता दें कि तापसी और भूमि‍ की यह फिल्म उत्तर प्रदेश के एक गांव की शूटर दादी चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर की कहानी है। उत्तर प्रदेश के जौहरी गांव की चंद्रो और प्रकाशी ने 50 साल की उम्र के बाद निशाना लगाना शुरू किया था। उन्होंने इसकी शुरुआत तो अपने बेटियों को प्रेरित करने के लिए की थी लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि खुद ये दादियां प्रोफेेशनल शूटर बन जाएंगी।

डायलॉग्स में दिखा कैसे झेला लिंगभेद 

फिल्म के डायलॉग कुछ ऐसे हैं जो बताते हैं कि इन दोनों महिलाओं ने किस तरह लिंगभेद को झेला है, इसकी बानगी फिल्म के ट्रेलर में दिखाई दी। जैसे क‍ि – ये बंदूक मजाक न है, ये मर्दों का गहना है और मर्दों के हाथ ही अच्छी लगे हैएक बात बता ताई के खाओ हो तुम दोनों निशाना बिलकुल सीधा लगाओ हो,औरत उस उमर का सही हिसाब न लगा सके है जो उसने अपने लिए जी हो

तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए दोनों ने शूटिंग के 300 से ज्यादा मेडल्स जीते हैं। बता दें कि फिल्म का निर्देशन तुषार हीरानंदानी कर रहे हैं। फिल्म में तापसी और भूमि के अलावा प्रकाश झा, विनीत कुमार सिंह और शाद रंधावा भी नजर आ रहे हैं।

ऐसी है शूटर दादी की कहानी

उम्र के 86 वसंत देख चुकी चंद्रो तोमर, यूपी के बागपत जिले के जोहरी गांव की रहने वाली हैं। चंद्रो तोमर के 6 बच्चे और 15 नाती-पोते हैं। इन्हीं में से एक पोती शैफाली को वे डॉ. राजपाल की शूटिंग एकडेमी में लेकर गईं। जहां तीन दिन तक उनकी पोती गन से निशाना लगाने की जद्दोजहद करती रही। यह देख चंद्रो ने उसके हाथ से गन लेकर लोड की और निशाना लगा दिया। सटीक निशाना लगा देखकर एकडेमी ट्रेनर ने उनसे कहा वह भी शूटिंग शुरू कर दें।

-एजेंसियां

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