केडी पाॅलीक्लीनिक में किया टोटल Knee Replacement

केडी हास्पीटल के एमएस आर्थाे में गोल्ड मेडलिस्ट डा. प्रतीक अग्रवाल ने ‘आयुष्मान भारत जन आरोग्य प्रधानमंत्री योजना‘ में किया टोटल Knee Replacement

मथुरा। केडी हास्पीटल पाॅलीक्लीनिक की ओपीडी में परामर्श लेने वाले विजेंद्र सिंह का टोटल Knee Replacement और बंटी को पैर के घुटने की रस्सी केडी हास्पीटल में डाल दी गई है। डा. प्रतीक अग्रवाल के आॅपरेशन करने के बाद अब दोनों मरीजों को चलने फिरने की आजादी मिल गई। वे अपने कामकाज स्वयं ही कर रहे हैं। आॅपरेशन से पूर्व विजेंद्र को मलमूत्र त्यागने में भी परेशानी हो रही थी। जबकि बंटी के घुटने की रस्सी टूटने के चलते उन्हें चलने के दौरान संतुलन नहीं बन पा रहा था। वे आगे की ओर गिर पडते थे। अब दोनों मरीजों को इन परेशानियों से निजात मिल गई है।
जिला चिकित्सालय के पीछे स्थित जिला वनखंडी निवासी विजेंद्र सिंह उम्र 48 को गाय ने टक्कर मार दी थी। वे आस पास के कई चिकित्सालयों में दवा लेने गए। हारकर केडी हास्पीटल पाॅलीक्लीनिक की ओपीडी में डा. प्रतीक अग्रवाल को दिखाया। जांचों के बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट कराने की सलाह दी। उन्होंने केडी हास्पीटल में ‘आयुष्मान भारत जन आरोग्य प्रधानमंत्री योजना‘ में टोटल नी रिप्लेसमेंट कर दिया।
दूसरे ओर सुरीर कलां, मथुरा निवासी बंटी उम्र-30 साल को 30 अक्टूबर को सांड ने टक्कर मार दी थी। इससे वे घुटने के बल गिरने से दायें पैर के घुटने की रस्सी टूट गई थी। इसी के कारण चलने के कारण वे संतुलन न बन पाने के कारण आगे की ओर गिर पडते। वे कही आ जा ही पा रहे थे। कई जगह उन्होंने जांच कराई। कहीं से कोई राहत नहीं मिली। उन्हें केडी हास्पीटल के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने डा. प्रतीक अग्रवाल को दिखाया। जांच के बाद उन्होंने दूरबीन विधि से आॅपरेशन कराने की सलाह दी। जो कि उन्होंने केडी हास्पीटल में बीेते दिनों करा लिया। दोनों आपरेशन में एमएस आर्थाे में गोल्ड मेडलिस्ट डा. प्रतीक अग्रवाल के साथ डा. प्रफुल्ल हिरोडे, डा. यशस्वी बंसल, एनथिएस्ट डा. निजावन डा. नवीन और सहायक पवन, शाहरुख, सोहित, शाइना ने सहयोग किया।

मरीज विजेेंद्र के टीबी इलाज के बाद किया आॅपरेशन-डा. प्रतीक अग्रवाल
एमएस आर्थाे में गोल्ड मेडलिस्ट डा. प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि विजेंद्र सिंह को क्षय रोग की बात जांच में मालुम हुई। इससे उनका जनरल मेडिसिन विभाग से इलाज कराया गया। टीबी में फायदा होने के बाद टीकेआर का आॅपरेशन किया गया है। उनके आॅपरेशन में काफी समय लगा। अब वह चलने में पूरी तरह से सक्षम है। जबकि बंटी के आॅपरेशन में काफी मेहनत करनी पडीं।

मल्टी स्पेशियेलिटी हास्पीटल होने का मरीजों को काफी फायदा-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केडी हास्पीटल में एक ही कैम्पस में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ होने से मरीजों को काफी सहूलियत हो रही है। उन्हें विशेषज्ञों की राय और जांचें शीघ्रातिशीघ्र मिल जाती है। ऐसा मरीज विजेंद्र सिंह के मामले में भी हुआ है। उनकी टीबी बीमारी का इलाज के बाद आॅपरेशन करना हो सका। किसी दूसरे चिकित्सालय में होने पर मरीज को दूसरे चिकित्सालय में टीबी का इलाज पूरा होने के बाद आॅपरेशन हो पाता। जब कि केडी में जनरल मेडिसिन में टीबी का आॅपरेशन हो गया।

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