अब तक कुल 109 चंद्र मिशन: 61 सफल, 48 असफल

चंद्रयान-2 की असफलता से पूरा देश गमगीन है। हरेक भारतवासी के मन में बस यही सवाल उठ रहा है कि इस मिशन में कहां पर चूक हुई। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 6 दशक में मून मिशन में सफलता 60 प्रतिशत मौकों पर मिली है।
नासा के मुताबिक इस दौरान 109 चंद्र मिशन शुरू किए गए, जिसमें 61 सफल हुए और 48 असफल रहे।
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा चंद्रमा की तहत पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को उतराने का अभियान शनिवार को अपनी तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं हो सका। लैंडर का अंतिम समय में जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया। इसरो के अधिकारियों के मुताबिक चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर पूरी तरह सुरक्षित और सही है।
पहला सफल चंद्र अभियान सोवियत संघ का लूना 1
बता दें कि इजरायल ने भी फरवरी 2018 में चंद्र मिशन शुरू किया था लेकिन यह अप्रैल में नष्ट हो गया। नासा के मुताबिक वर्ष 1958 से 2019 तक भारत के साथ ही अमेरिका, सोवियत संघ (रूस), जापान, यूरोपीय संघ, चीन और इजरायल ने विभिन्न चंद्र अभियानों को शुरू किया। पहले चंद्र अभियान की योजना अमेरिका ने 17 अगस्त 1958 में बनाई लेकिन पाइनियर का लॉन्च असफल रहा।
पहला सफल चंद्र अभियान चार जनवरी 1959 में सोवियत संघ का लूना 1 था। यह स‍फलता छठे चंद्र मिशन में मिली। एक साल से थोड़े अधिक समय के भीतर अगस्त 1958 से नवंबर 1959 के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ ने 14 अभियान शुरू किए। इनमें से सिर्फ 3 – लूना 1, लूना 2 और लूना 3 – सफल हुए। ये सभी सोवियत संघ ने शुरू किए थे।
इंसान के पहले कदम चांद पर पड़े
इसके बाद जुलाई 1964 में अमेरिका ने रेंजर 7 मिशन शुरू किया, जिसने पहली बार चंद्रमा की नजदीक से फोटो ली। रूस द्वारा जनवरी 1966 में शुरू किए गए लूना 9 मिशन ने पहली बार चंद्रमा की सतह को छुआ और इसके साथ ही पहली बार चंद्रमा की सतह से तस्वीर मिलीं। पांच महीने बाद मई 1966 में अमेरिका ने सफलतापूर्वक ऐसे ही एक मिशन सर्वेयर-1 को अंजाम दिया।
अमेरिका का अपोलो 11 अभियान एक लैंडमार्क मिशन था, जिसके जरिए इंसान के पहले कदम चांद पर पड़े। तीन सदस्यों वाले इस अभियान दल की अगुवाई नील आर्मस्ट्रांग ने की। वर्ष 1958 से 1979 तक केवल अमेरिका और यूएसएसआर ने ही चंद्र मिशन शुरू किए। इन 21 वर्षों में दोनों देशों ने 90 अभियान शुरू किए। इसके बाद जपान, यूरोपीय संघ, चीन, भारत और इजरायल ने भी इस क्षेत्र में कदम रखा।
भारत को भी मिली है सफलता
जापान, यूरोपियन यूनियन, चीन, भारत और इजरायल ने इस क्षेत्र में देर से कदम रखा। जापान ने 1990 में अपना पहला मून मिशन हिटेन लॉन्च किया। सितंबर 2007 में जापान ने एक और ऑर्बिटर मिशन सेलेन लॉन्च किया था। साल 2000 से 2009 के बीच अब तक 6 लुनार मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं, यूरोप (स्मार्ट-1), जापान (सेलेन), चीन (शांग ई 1), भारत (चंद्रयान) और अमेरिका (लुनार)। 2009 से 2019 के बीच दस मिशन लॉन्च किए गए, जिसमें से 5 भारत ने, 3 अमेरिका और एक-एक चीन और इजरायल ने। 1990 से अब तक अमेरिका, जापान, भारत, यूरोपियन यूनियन, चीन और इजरायल 19 लुनार मिशन लॉन्च कर चुके हैं।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »