दान-पुण्य का महापर्व Makar Sankranti कल 15 जन. को

दान-पुण्य का महापर्व Makar Sankranti कल 15 जनवरी को मनाया जाएगा क्योंक‍ि हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार यदि किसी वर्ष Makar Sankranti का पर्व शाम को पड़ता है तो इसे अगले दिन मनाया जाता है। यही वजह है कि इस वर्ष मकर संक्रांति को 15 जनवरी को मनाया जायेगा। मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से व्यक्ति को उसका अभीष्ट लाभ मिलता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के दिन का ही चयन किया था। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे−पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं।

15 जनवरी को सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा इसील‍िए ज्योतिष शास्त्र एवं धर्म शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 15 तारीख को मनाया जाएगा इस दिन देवता पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य द्वारा स्नान, दान, धर्म और हवन यज्ञ का फल कई गुना प्रदान करते हैं।

दान करने का शुभ समय
हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति के दिन शुरू के छह घंटे के भीतर यदि कोई व्यक्ति दान पुण्य करता है तो उसका विशेष महत्व होता है। इसका मतलब इस वर्ष 15 जनवरी, प्रातः 7.19 से 12:31 तक किए गए दान का अभीष्ट लाभ मिलेगा।
मकर संक्रांति पर करें किस चीज का दान
मकर संक्रांति के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन खिचड़ी का दान देना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन से सभी शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी समाप्त हो जाता है। बता दें, उत्तर प्रदेश में इस पर्व पर खिचड़ी सेवन और खिचड़ी दान का अत्यधिक महत्व बताया जाता है।

शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य
मकर संक्रांति से देवताओं का दिन प्रारंभ होगा। मांगलिक मुहूर्त प्रारंभ होंगे और शहनाई गूजने का समय 6 माह तक रहेगा। मकर संक्रांति से उत्तरायण का प्रारंभ हो जाता है एवं मांगलिक मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाते हैं, अब विवाह, यज्ञोपवीत, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे
– Legend News

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