टोक्यो ओलंपिक: पहलवान बजरंग पूनिया ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

नई दिल्‍ली। भारत के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक खेलों के पुरुषों के फ्री स्टाइल 65 किलो वर्ग कुश्ती स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीतते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने कजाखस्तान के डाउलेट नियाजबेकोव को 8-0 से एकतरफा हराया। इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या 6 हो गई है, जो लंदन ओलंपिक-2012 के बराबर है।
इससे पहले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और टोक्यो ओलंंपिक में भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीद पहलवान बजरंग पुनिया शुक्रवार को टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल मुकाबले में ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता और तीन बार के विश्व चैंपियन अजरबैजान के हाजी एलियेव से 5-12 से हार गए।
बजरंग ईरान के मोर्टेजा घियासी को हरा कर पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग कुश्ती के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। मुकाबले की बात करें तो बजरंग पूनिया ने पहले राउंड में डिफेंसिव खेल दिखाया। मैच रेफरी ने उनके खिलाफ पैसिविटी समय (असक्रिय रहने का जुर्माना) शुरू किया, जिसके चलते मोर्टेजा को एक अंक जरूर मिला लेकिन बजरंग घबराए नहीं। पहले राउंड के बजरंग 0-1 से पिछड़ते दिखे लेकिन मुकाबले के आखिर समय में बजरंग ने पहले एक अंक हासिल किया और फिर अपने विरोधी को चित करके मुकाबला जीत लिया।
कुश्ती में पदक का इतिहास
केडी जाधव भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान थे जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया। सुशील ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक जीतने वाले अकेले भारतीय थे लेकिन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कांस्य जीतकर बराबरी की। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था। वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलिंपिक 2016 में कांस्य पदक हासिल किया था। 2020 में रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीता।
-एजेंसियां

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