Togadia बोले -श्रीराम मंदिर कानून नहीं बना तो अक्टूबर में अयोध्या कूच करेंगे

लखनऊ। नवगठित संस्‍था अंतराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण Togadia ने मंगलवार को श्रीराम जन्मस्थान मंदिर कानून का मसौदा जारी किया। कहा कि केंद्र सरकार मंदिर के लिए अक्टूबर तक कानून बनाए। कानून संसद में पास हो इसके लिए संतों के साथ अक्टूबर में वह लखनऊ से अयोध्या कूच करेंगे।
वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारवार्ता कर श्री Togadia ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार राममंदिर के संबंध में जनता को दिए गए वचन को पूरा करे। इस समय मंदिर मुद्दे पर वार्ता की बात करने वाले हिन्दुओं को राममंदिर से दूर कर रहे हैं। संसद में बहुमत है ऐसे में वार्ता की बात और न्यायालय के फैसले की बात करना मंदिर मुद्दे से भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय की राह देखनी थी तो आडवाणी को रथयात्रा सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या तक निकालनी चाहिए थी। हम सत्ता में आएंगे तो राममंदिर बनाने की बात कहने की जरूरत नहीं थी। बहुमत से सत्ता में आने पर अयोध्या में राम मंदिर बनाने का प्रस्ताव भाजपा ने 1987 में पालनपुर में आयोजित अपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पास किया था।
Togadia ने कहा कि केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बने चार साल हो गए हैं। अभी तक राममंदिर के लिए कानून नहीं बना जो हिन्दुओं का अपमान है। चुटकी लेते हुए कहा कि हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश दौरे के कारण इस कानून के लिए समय ना मिल रहा हो। कहा कि आज लखनऊ में राममंदिर कानून का प्रस्तावित ड्राफ्ट रिलीज कर रहा हूं। ड्राफ्ट प्रधानमंत्री को भेजा जा रहा है।
छद्म धर्मनिरपेक्ष और छद्म हिन्दु नहीं चाहिए
श्री तोगड़िया ने कहा कि सबका साथ कर हिन्दुओं को छलने वाला काम नहीं होना चाहिए। मेरा नारा हिन्दुओं का साथ और हिन्दुओं का विकास है। मांग की कि काशी-मथुरा-अयोध्या के लिए कानून बने, समान नागरिक संहिता लागू हो, दो बच्चों का कानून बने, कश्मीर से धारा 370 समाप्त हो, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं, बांग्लादेशियों को देश से बाहर किया जाए, रोजगार आयोग बने, बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, गुणवत्ता युक्त शिक्षा दी जाए, सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन दिया जाए। कहा कि श्रीराम मंदिर कानून मसौदे के लिए कार्यकर्ता 10 करोड़ परिवारों के 20 करोड़ लोगों से हस्ताक्षर लेकर सरकार को भेजेंगे। मसौदा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और संवैधानिक विशेषज्ञों ने तैयार किया है। कहा कि बहुमत हिन्दुओं की दया पर है। भाजपा और कांग्रेस ने उपेक्षा की तो तीसरे पक्ष से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी से उनके अच्छे संबंध हैं। सवाल उठाया कि उन्होंने राममंदिर के लिए कानून क्यों नहीं बनाया? 56 इंच का सीना क्यों नहीं दिखाया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके गुरु अवैधनाथ हमारे भी गुरु रहे हैं। प्रेसवार्ता के बाद श्री Togadia श्रीरामलला के दर्शन और संतों का आशीर्वाद लेने अयोध्या के लिए रवाना हुए।

Togadia के जारी श्रीराम मंदिर विधेयक-2018 की प्रमुख बातें

-श्रीराम जन्मस्थान को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया जाता है।

-प्राचीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों और अवशेष अधिनियम 1958 और प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थलों और अवधेष नियम 1959 के सभी प्रावधान श्रीराम जन्मस्थान के लिए लागू होंगे।

-जितना जल्द संभव हो सके श्रीराम जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

-श्रीराम जन्मस्थान मंदिर के निर्माण का कार्य श्रीराम जन्मभूमि न्यास द्वारा किया जाएगा। प्रमुख नागरिकों, इतिहासकारों, पुरातत्वविदों की एक समिति की सहायता से न्यास यह काम करेगा। मंदिर निर्माण प्रयाग महाकुंभ 1989 में हजारों संतों द्वारा प्रस्तावित और लाखों लोगों द्वारा स्वीकृत मॉडल के अनुसार किया जाएगा। मंदिर का निर्माण पहले से तैयार नक्काशीदार पत्थर के साथ किया जाएगा।

-अधिनियम अन्य सभी अधिनियमों को अधिरोहित करेगा। – इस अधिनियम के प्रावधान वर्तमान में लागू किसी भी अन्य कानून में शामिल या उसके अंतर्गत प्रवाधान से असंगत होने के बावजूद प्रभावी होंगे।

-नियम बनाने की शक्ति: केंद्र सरकार सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों को पूरा करने के लिए नियम बना सकती है।

-अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए हर नियम को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा।

-एजेंसी

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