वर्ल्ड लाफ्टर डे आज, लाफ्टर योग करें

हंसना कई मर्ज की दवा है। हंसी हमारे शरीर की मांसपेशियों, आंख, जबड़ा और हृदय की मांसपेशियों को आराम देती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के एक शोध के अनुसार, खुलकर हंसने वालों का रक्त संचार काफी बेहतर रहता है। 10 मिनट तक ठहाके लगाकर हंसने से आपको 2 घंटे तक दर्द से राहत मिल सकती है। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जो लोग अधिक हंसते हैं वे लंबे समय तक युवा दिखते हैं।
हंसने के और भी कई फायदे हैं
दिनभर बनी रहेगी स्फूर्ति
दिल रहेगा तंदरुस्त
कैलरी घटेगी
स्पॉन्डेलाइटिस में आराम
प्रतिरक्षातंत्र मजबूत
दूर होता है तनाव

शरीर की सभी परेशानियां हंसी से होती हैं दूर
हंसना ऐसी जादुई छड़ी की तरह काम करता है, जिससे आपके शरीर की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वास्तव में असली हंसी आपके दिल के रास्ते होकर आपकी आंखों में झलकती है। और यह हंसी आपकी आंखों में नमी ले आती है। हंसने से आप अपने आप को बहुत ही रिलैक्स महसूस करते हैं। सेहतमंद रहने के लिए योग तो आप भी करते होंगे लेकिन क्या आपने लाफ्टर योग के बारे में सुना है। हंसते-हंसते योग करने के भी कई फायदे हैं।

मुंबई के डॉ. मदान कटारिया ने दुनिया को दिया लाफ्टर क्लब
दुनिया को लाफ्टर योग क्लब देने का श्रेय मुंबई के डॉक्टर मदन कटारिया को जाता है। उन्होंने 1995 में पांच लोगों के साथ मिलकर लाफ्टर योग क्लब की शुरुआत की थी, जो लाफ्टर थेरपी से लोगों की मुश्किलें सुलझाकर उन्हें हंसी के ठहाकों से सराबोर करने में यकीन रखते हैं। आज 72 देशों में 16 हजार लाफ्टर योग क्लब हैं। डॉ कटारिया कहते हैं कि लोगों को हंसने के लिए किसी विषय या चुटकुले की जरूरत नहीं होती क्योंकि हंसने से फायदे ही फायदे हैं।

लाफ्टर योग से बीपी में होता है सुधार
डॉ कटारिया ने 2006 में बेंगलुरु में 50 लोगों पर रिसर्च की थी जिसमें यह बात साबित हो गई थी कि लाफ्टर योग करने से लोगों के बीपी, ब्लड सर्कुलेशन में फायदा होता है। डॉ कटारिय कहते हैं कि, टीवी शो से लोग हंस तो लेते हैं, काफी अच्छा भी महसूस होता है, लेकिन वह हंसी सिर्फ 10 सेकंड की होती है। अच्छी हंसी के लिए कम से कम 15 मिनट हंसना चाहिए। इससे शरीर को पूरा फायदा पहुंचता है।

हंसने के साथ ही की जाती है एक्सर्साइज भी
लाफ्टर योग का एक सेशन 30 मिनट से 60 मिनट के बीच का होता है। इसमें क्लास की शुरुआत वॉर्मअप एक्सर्साइज से होती है जिसमें स्ट्रेचिंग, ताली बजाना, आवाज निकालना और ब्रीदिंग ऐक्टिविटीज शामिल है। इसके बाद लाफ्टर एक्सर्साइज किए जाते हैं जिसमें ब्रीदिंग टेक्नीक भी शामिल होती है। ताली बजाना, सांस लेना और हंसना इस सीक्वेंस को बार-बार दोहराया जाता है। इसे बार-बार इसलिए दोहराया जाता है ताकि जिस हंसी की शुरुआत फेक होती है वह धीरे-धीरे ओरिजिनल बन जाती है और लोगों को फायदा होने लगता है।
-एजेंसियां

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