आज भारत को युवा नेतृत्व की दरकार- Jayant Chaudhary

नई दिल्ली। युवा राष्ट्रीय लोकदल ने ‘युवा अधिकार सम्मेलन’ में युवाओं की संसद में भागदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए, राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष Jayant Chaudhary ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने आप को देश का सबसे बड़ा यूथ आईकन बताते हैं। उनकी खुद की पार्टी में कितने युवाओं को मौका दिया गया है। ‘युवा अधिकार सम्मेलन’ का आयोजन मावलंकर हाल में किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को युवा नेता की दरकार है। अगर हम युवाओं को चुनाव लड़ने की उम्र सीमा को घटाने के लिए आगे आना होगा। अगर हमें देश की कठिन समस्याओं का हल निकालना है तो हम युवाओं को सत्ता में भागीदारी बढ़ानी होगी। मंच से नेताओं ने लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्र सीमा घटाने पर जोर दिया।
उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि 16 वीं लोकसभा में सांसदों की औसत आयु 56 वर्ष है। अब जब भारत में नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के चुनाव लड़ने की उम्र 21 वर्ष है तो विधानसभा और लोकसभा में 25 वर्ष की बाध्यता को खत्म करने पर विचार होना जरूरी है। युवा होते देश को युवा सोच और युवा सांसदों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि  भारत की स्वतंत्रता के बाद जब देश का संविधान बना तो उसमें सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर 21 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को वोट डालने के अधिकार प्रदान कर दिए गए। हालांकि 1989 में 21 वर्ष की इस आयु सीमा को घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया। अभी भारत में लोकसभा या विधानसभा के चुनाव लड़ने के लिए व्यक्ति को 25 साल की न्यूनतम आयु का होना चाहिए। अब इसे भी घटाकर 21 वर्ष करने की मांग की जा रही है। पिछले दिनों इस मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई और जस्टिस अजय रस्तोगी ने पहले तो कुछ सोच विचार किया। लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि अगर यह मामला संसद में उठे तो बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट इस मामले पर फैसला देने के लिए सही जगह नहीं है। इस मौके पर जनता दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने युवा शक्ति की ताकत पर ज़ोर देते हुए कहा कि जवान आदमी ही चुनौतियों को स्वीकार करता है. वो जवानी किस काम की जो हर तरह के संकट के लिए तैयार न हो। उन्होंने देश की हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि देश का हर तबका तबाह है। किसान संकट में है। देश की वर्तमान सरकार को संविधान से कोई मतलब नहीं है, इन्हें न हिंदू से मतलब है और न ही मुसलमानों से। ये सरकार केवल लोगों को बांटने का काम कर रही है।कार्यक्रम में गुजरात के युवा नेता हार्दिक पटेल ने आते ही कहा, ‘मैं मोदी जी के गुजरात से नहीं, सरदार पटेल और गांधी के गुजरात से आया हूं।’ उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहा, ‘विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्र सीमा 25 साल होने से मैं चुनाव नहीं लड़ सका। चुनाव लड़ने की उम्र सीमा घटाई जानी चाहिए।’
हार्दिक ने आगे कहा कि 1980 में भाजपा दो सीट पर थी, आज भी दो ही सीट पर है ‘अमित शाह और नरेंद्र मोदी। देश के वर्तमान हालात पर बोलते हुए उन्होंने कहा,’देश में लोगों को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। मैं पिछले दिनों राममंदिर निर्माण के पोस्टर देख रहा था। जिसमें मैंने एक भी पोस्टर ऐसा नहीं देखा जहां अयोध्या का राजा राम सबरी के साथ बैठा हो।’ अंत में उन्होंंने कहा कि आज के यूथ को मैं यही कहूंगा का हमें मिलकर देश की समस्याओं को हल करना होगा। मैं आपको बता देना चाहता हूं नरेंद्र मोदी विकास पुरुष नहीं, विनाश पुरुष है। समापन उद्बोधन में राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा, ‘सरकार चाहती है युवा कुछ न बोले, शांत रहे, लेकिन ये शांत नहीं रहेगा। हमारे देश का विद्यार्थी, युवा और किसान सब परेशान है लेकिन सरकार केवल मीटिंग, स्पीकिंग और एडवरटाइजिंग में व्यस्त है।’ उन्होंने कहा कि युवा अधिकार सम्मेलन तभी सफल होगा ‘जब देश का युवा आगे आए और हम सब मिलकर प्रण लें कि वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकेगे।’ इस कार्यक्रम में देशभर के युवा नेताओं ने भाग लिया और देश के वर्तमान हालात पर और चुनाव लड़ने उम्र की 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष किए जाने की बात रखी।

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