छह महीने के लिए आज गंगोत्री धाम के कपाट बंद

आज अन्नकूट पर्व के अवसर पर विधि विधान के साथ 12:30 बजे गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए हैं। आगामी छह महीने के लिए मां गंगा शीतकालीन प्रवास मुखबा गाउं के लिए रवाना हो गई हैं।
सेना के बैंड व पारम्परिक वाद्ययन्त्रों के साथ कपाट बंद किए गए। इस मौके पर हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण ने जयकारे लगाए। इसके बाद अब मां गंगा की डोली मार्कण्डेय स्थित चंडी मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी।
शुक्रवार को डोली मुखबा गाउं में विधि विधान के साथ अपने मंदिर में स्थापित होगी। इसके बाद अगले छह महीने तक मां के दर्शन यहीं हो सकेंगे। इस दौरान गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, जिलाधिकारी आशीष चौहान, मंदिर समिति के पदाधिकारी व अन्य भी मौजूद रहे ।
मंदिर पदाधिकारियों का कहना है कि आपदा के बाद इस बार चार धाम यात्रा पटरी पर लौट आई है। इस सीजन में अभी तक 5 लाख 81 हजार 554 तीर्थयात्री गंगोत्री धाम पहुंचे हैं। वहीं, केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट कल गुरुवार (9 नवंबर) को बंद होंगे। साथ ही बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को बंद होंगे।
18 लाख से अधिक श्रद्धालु गए चारधाम
इस बार चारधाम के दर्शन जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। मंगलवार तक 18 लाख 72 हजार 952 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन किए।
वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद चारधाम जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई थी। वर्ष 2014 में 20 हजार 934 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, 25 हजार 240 ने गंगोत्री, 44 हजार 216 ने केदारनाथ और 71 हजार 039 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए थे। इसके बाद यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ और वर्ष 2015 में 92 हजार 46 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, 1 लाख 5 हजार 98 ने गंगोत्री, 2 लाख 32 हजार 353 ने केदारनाथ और 3 लाख 2 हजार 874 ने बदरीनाथ, वर्ष 2016 में 2 लाख 12 हजार 809 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, 2 लाख 53 हजार 716 ने गंगोत्री, 3 लाख 93 हजार 702 ने केदारनाथ और 4 लाख 2 हजार 486, वर्ष 2017 में 3 लाख 3 हजार 784 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, 3 लाख 55 हजार 266 ने गंगोत्री, 5 लाख 60 हजार 53 ने केदारनाथ और 5 लाख 9 हजार 718 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए थे।
इस वर्ष यात्रियों की संख्या के सभी रिकॉर्ड टूट गए और 3 लाख 6 हजार 427 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, 3 लाख 98 हजार 976 ने गंगोत्री, 5 लाख 81 हजार 554 ने केदारनाथ और 5 लाख 85 हजार 995 ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि इस वर्ष चारधाम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने बताया कि आपदा का डर अब यात्रियों के मन से खत्म हो चुका है।
पिछले साल की अपेक्षा कम आए विदेशी पर्यटक
2013 में केदारनाथ आपदा के बाद चारधाम जाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी काफी कमी आई थी। जिस कारण आपदा के एक वर्ष बाद 2014 में कुल 319 विदेशी पर्यटकों ने ही चारधाम के लिए पंजीकरण कराया था जबकि वर्ष 2015 में 6 हजार 919, वर्ष 2016 में 7 हजार 112, वर्ष 2017 में 12 हजार 827 विदेशियों नेज पंजीकरण कराया था, लेकिन बीते वर्ष की अपेक्षा 5 नवंबर 2018 तक 11 हजार 965 विदेशियों ने ही पंजीकरण कराया है।
इस बार हेमकुंड साहिब पहुंचे कम श्रद्धालु
हेमकुंड साहिब के कपाट दस अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे, इस वर्ष हेमकुंड जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी आई है। वर्ष 2014 में 39 हजार 257, वर्ष 2015 में 75 हजार 126, वर्ष 2016 में 72 हजार 526, वर्ष 2017 में 1 लाख 25 हजार 79 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए, लेकिन इस वर्ष 1 लाख 10 हजार 133 श्रद्धालुओं ने ही दर्शन किए।
-एजेंसियां

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