1950 से 1987 के बीच जन्मे तिब्बती शरणार्थियों को मिलेगा भारतीय पासपोर्ट

Tibetan refugees born between 1950 and 1987 will get Indian passport
1950 से 1987 के बीच जन्मे तिब्बती शरणार्थियों को मिलेगा भारतीय पासपोर्ट

नई दिल्ली। भारत में 1950 से 1987 के बीच जन्मे तिब्बती शरणार्थियों को जल्द ही भारतीय पासपोर्ट मिल सकेगा। केंद्र सरकार की नई नीति की वजह से ऐसा होना मुमकिन हो सकेगा।
विदेश मंत्रालय ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को स्वीकार किया है, जिसमें अदालत ने तिब्बती शरणार्थियों को भारतीय नागरिक मानने का आदेश दिया था। सरकार ने जस्टिस संजीव सचदेव को सूचित किया है कि उसने उनके सितंबर 2016 के फैसले को कबूल कर लिया है। इस फैसले में अदालत ने कहा था कि सिटिजनशिप ऐक्ट के तहत बताए गए वक्त में भारत में जन्मे तिब्बतियों की राष्ट्रीयता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
पॉलिसी में यह बदलाव मार्च 2017 से लागू हुआ है। इसकी वजह से भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हजारों तिब्बतियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने भारत और विदेश स्थित सभी पासपोर्ट दफ्तरों को निर्देश दिए हैं कि वे तिब्बती शरणार्थियों की लंबित आवेदनों को प्रोसेस करें। पासपोर्ट जारी करने के लिए शर्त रखी गई है कि तिब्बती शरणार्थी का भारत में जन्म 26-01-1950 से लेकर 01-07-1987 के बीच होना चाहिए। इस समयावधि में जन्मे तिब्बतियों को जन्म से भारतीय मानने के निर्देश दिए गए हैं।
-एजेंसी

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