ठगी करने वाले तांत्रिक गिरोह का पर्दाफाश, 4 लोग गिरफ्तार

गाजियाबाद। मुरादनगर पुलिस ने फोन पर तंत्र-मंत्र के सहारे हर समस्या का समाधान करने का दावा करने वाले कथित तांत्रिक गैंग का पर्दाफाश किया है। SP देहात ए. के. मौर्य ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के नाम शौकीन, वसीम, नफीस और साहिल उर्फ अकबर हैं। इनके पास से 13 मोबाइल, कुछ रजिस्टर समेत बैंक से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन ठगों का नेटवर्क यूपी समेत पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली व कई अन्य राज्यों में फैला हुआ है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी और आईपीसी की धारा 386 (किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करना) के तहत कार्यवाही की गई है।
ऐसे आए पकड़ में
पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने संभल की एक महिला से पति की नौकरी व प्रोपर्टी में ज्यादा हिस्सा दिलाने का लालच देकर 3 लाख 33 हजार से अधिक रुपये खाते में ट्रांसफर कराए। ठगी का संदेह होने पर जब महिला ने बैंक खाते के बारे में जानकारी की तो वह मुरादनगर का निकला। इसके बाद महिला गाजियाबाद आई और थाना पुलिस को सारी बात बताई। पुलिस ने मामले में कार्यवाही करते हुए मुरादनगर स्थित सुल्तान जिम के पास से 4 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी डॉक्युमेंट्स से कैसे खुले चार बैंक खाते?
मथाना एसएचओ उमेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए ठगों ने प्रमुख बैंकों की शाखाओं में फर्जी डॉक्युमेंट्स पर चार खाते खुलवा रखे थे। ऐसे में पुलिस इस प्रकरण में बैंककर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि गरिमा गार्डन में रहने वाले शहजाद नाम के युवक की आईडी पर गैंग के सदस्य अकबर की फोटो लगातार बदमाशों ने फर्जी आईडी तैयार की। इसके बाद शहजाद के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में खाता खुलवाया। इसके बाद कैराना में एसबीआई और आईडीबीआई की ब्रांच में अकबर के नाम खाता खुलवाया गया।
गैंग तैयार करने के लिए खबारों में दिए थे विज्ञापन
थाना प्रभारी ने बताया कि गैंग का सरगना शौकीन है। उसने गैंग को तैयार करने के साथ विभिन्न राज्यों के लोकल अखबारों और चैनल्‍स में विज्ञापन दिए। ठगों ने तीन साल में विज्ञापन पर ही करीब 50 लाख रुपये खर्च किए हैं। आरोपितों के एक खाते से पुलिस को 50 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन किए जाने की जानकारी मिली है। वहीं, इन विज्ञापनों में कोई पता भी नहीं होता था, सिर्फ मोबाइल नंबर होते थे। उन्होंने बताया कि ठग बीते तीन सालों में 10 हजार से अधिक लोगों के साथ ठगी की वारदात कर चुके हैं। इस दौरान चारों खातों में हर साल 1 करोड़ से अधिक रुपये जमा हुए हैं। आरोपित खातों में जमा हुए रुपये फौरन निकाल लेते थे।
-एजेंसियां

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