प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरतने पर तीन इंजीनियरों की सेवा समाप्त

लखनऊ। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले तीन संविदा पर रखे गए सिटी लेवल टेक्निकल सेल (सीएलटीसी) के तीन इंजीनियरों का कार्य समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश के नौ जिलों के जिला परियोजना अधिकारी (डूडा) के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की संस्तुति कर दी गई है। निदेशक सूडा उमेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में लापरवाही पाने जाने पर नगर विकास मंत्री के निर्देश पर सख्त कार्यवाही की गई है। सभी पीओ को दिसंबर के अंत तक आवास पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है। ऐसा न करने पर निलंबन तक की कार्यवाही होगी।
निदेशक सूडा के मुताबिक प्रदेश के 75 जिलों में दिसंबर के अंत तक पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत एक लाख 1 हजार आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले अब तक 92 हजार आवास छत की ढलाई तक पहुंच चुके हैं जबकि अब तक मकान पूर्ण हो जाने चाहिए थे। शुक्रवार को पीएम आवास योजना की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि औरैया, बागपत, गाजियाबाद और नोयडा जिलों में आवासों के निर्माण को लेकर यहां के पीओ डूडा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
इसलिए इन्हें चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा जालौन, हाथरस, महोबा, मेरठ और रामपुर जिलों के पीओ को सरकारी कार्य में रुचि न लेने और अधूरे आवास पाए जाने पर आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बांदा में संविदा पर रखे गए सीएलटीसी अनूप कुमार और जालौन के पीसी यादव को कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
इसी तरह जालौन के ही सिटी मिशन मैनेजर विजय गौतम की भी कार्यमुक्त करने का आदेश दे दिया गया है। उमेश प्रताप सिंह के मुताबिक पीएम आवास योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे और सख्त कार्यवाही होगी।
-एजेंसियां

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