संस्कृति विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय Sports Fiesta 2018 का रंगारंग शुभारम्भ

Sports Fiesta 2018 पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया

मथुरा। खेलने से सफलता और जीवन जीने का प्रशिक्षण मिलता है। आज के समय में खेलकूद समय की बर्बादी नहीं बल्कि करियर के रूप में एक स्वर्णिम विकल्प है। खेल उतने ही आवश्यक हैं, जितनी पढ़ाई। पढ़ाई के लिए स्वस्थ मस्तिष्क चाहिए। स्वस्थ मस्तिष्क स्वस्थ शरीर में ही निवास करता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल नितांत आवश्यक हैं। हमारे देश में बेशक खेल संस्कृति का विकास अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया आदि देशों की तरह नहीं हुआ हो लेकिन कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अपने पराक्रमी प्रदर्शन से दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। अतीत में कालजयी मेजर ध्यानचंद ने अपनी कलात्मक हाकी से जहां दुनिया भर के खेलप्रेमियों का दिल जीता था वहीं आज बैडमिंटन में साइना नेहवाल, पी.वी. सिन्धु, मुक्केबाजी में मैरीकाम और टेनिस में सानिया मिर्जा लोकप्रियता के शिखर पर हैं। उक्त उद्गार आज से संस्कृति विश्वविद्यालय में शुरू हुए तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फैस्टा-2018 के शुभारम्भ अवसर पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
डा. पाठक ने कहा कि सचिन तेंदुलकर, कपिल देव और सुनील गावस्कर बेशक बहुत पढ़े-लिखे नहीं हों लेकिन इन्होंने अपने शानदार खेल से दुनिया भर में शोहरत बटोरी है। बच्चों पढ़ाई के साथ-साथ आप सभी को खेलों के लिए भी समय निकालना चाहिए, जिससे आप जीवन भर स्वस्थ रहें। इस अवसर पर डीन मैनेजमेंट डा. कल्याण कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि खेलों से शारीरिक विकास के साथ ही चुस्ती और स्कूर्ति प्राप्त होती है। आलस्य दूर भागता है ऐसे में पढ़ाई जैसा कोई भी कार्य भलीभांति किया जा सकता है। जीवन स्वयं में एक खेल है जिस प्रकार खेलों में उतार-चढ़ाव आते हैं तथा हार-जीत होती है, ठीक उसी प्रकार जीवन में भी ऐसी परिस्थितियां आती हैं। खेलना हार-जीत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे परस्पर सहयोग तथा प्रेम की भावना बढ़ती है। खेलों का सबसे बड़ा उद्देश्य मतभेद तथा दूरियों को मिटाना है। यह खेल ही हैं जो सम्पूर्ण मानव जाति को एकसूत्र में पिरोने की क्षमता रखते हैं। इनसे परस्पर सहयोग की भावना जागृत होती है। सहयोग एकता का ही दूसरा नाम है।
खेलों के शुभारम्भ से पूर्व शिवालिक, विंध्याचल, अरावली और नीलगिरि के खिलाड़ी छात्र-छात्राओं ने शानदार मार्चपास्ट निकाला। तीन दिन तक चलने वाले इन खेलों का शुभारम्भ राष्ट्रगान के साथ ही गुब्बारे उड़ाकर किया गया। इस अवसर पर छात्रा अनुष्का शर्मा ने मशाल लेकर दौड़ते हुए मैदान का एक चक्कर लगाया। स्पोर्ट्स फैस्टा-2018 के शुभारम्भ अवसर पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक, डीन मैनेजमेंट डा. कल्याण कुमार, निदेशक इंजीनियरिंग डा. राकेश धीमान, एसोसिएट डीन एकेडमिक डा. संजीव सिंह, उप-कुलसचिव पी.के. तोमर, प्राचार्य शिक्षा संकाय जया द्विवेदी, डा. धर्मेन्द्र दुबे, डा. रीना रानी, विनय आनंद, डा. दुर्गेश बाधवा, रविन्द्र कुमार मालवीय, दिलीप सिंह, तान्या उपाध्याय, अमन चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अवनीश कुमार, विवेक श्रीवास्तव, सुधांशु शाह आदि उपस्थित थे।
Sports Fiesta : क्रिकेट और वालीबाल में शिवालिक का जीत से आगाज
स्पोर्ट्स फैस्टा-2018 का शुभारम्भ कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने बल्लेबाजी कर किया। आज का पहला मुकाबला शिवालिक और विंध्याचल के बीच खेला गया। इस मुकाबले में टास विंध्याचल के कप्तान ने जीतकर शिवालिक को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। 10 ओवर के इस मुकाबले में शिवालिक के बल्लेबाजों ने दो विकेट पर 140 रन बनाए। मनीष ने 74 रनों की शानदार पारी खेली। 141 रन के विजयी लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंध्याचल की टीम साबिर खान की उम्दा गेंदबाजी के सामने 57 रन पर ही आल आउट हो गयी। साबिर ने तीन विकेट लिए। वालीबाल का पहला मुकाबला अरावली और नीलगिरि के बीच खेला गया जिसमें अरावली ने शानदार जीत दर्ज की। वालीबाल का दूसरा मुकाबला शिवालिक और विंध्याचल के बीच खेला गया जिसमें शिवालिक टीम ने जीत दर्ज की। पहले दिन कैरम और शतरंज के मुकाबले भी खेले गए।