संसद पर आतंकी हमले का खतरा, दो Khalistani आतंकियों को लेकर जांच एजेंसी अलर्ट

Khalistani आतंकी लखविंदर सिंह और परमिंदर सिंह की इनोवा गाड़ी (यूपी 26 एआर 24) की तलाश तेज कर दी गई है

नई दिल्‍ली। संसद पर Khalistani आतंकी हमले की खुफिया सूचना पर जांच एजेंसी अलर्ट हो गई हैं।  इस बार दो Khalistani आतंकियों को लेकर जांच एजेंसियां सख्‍ती बरत रही हैं।  दिल्ली के संसद भवन को एक बार फिर दहलाने की कोशिश की जा रही है। इस बार पाकिस्तान के आतंकियों ने नहीं बल्कि Khalistani ने यह प्लान बनाया है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद से दिल्ली की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसी को खबर मिली है कि दो खालिस्तानी आतंकी विस्फोटक से भरी कार लेकर दिल्ली की तरफ रवाना हो गए हैं। उनकी गाड़ी का पंजीकरण उत्तर प्रदेश का है और वह संसद भवन पर हमला करने वाले हैं।

सूत्रों का कहना है कि आतंकी लखविंदर सिंह और परमिंदर सिंह नेपाल सीमा से सफेद रंग की इनोवा गाड़ी (यूपी 26 एआर 24) से यात्रा कर रहे हैं। इनपुट के अनुसार 40 साल के दोनों आतंकी आईडी बनाने में माहिर हैं। इस सूचना को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है क्योंकि यह सूचना दो सूत्रों से मिली है। जांच एजेंसी के अलावा एक अज्ञात कॉलर ने दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी है। सूचना देने वाले ने अपना नाम इकबाल बताया है। नंबर को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का बताया जा रहा है। एक टीम को विवरण सत्यापित करने के लिए वहां भेज दिया गया है।

यह सूचना ऐसे समय में आई है जब जांच एजेंसियों ने आगाह किया है कि एक चुराई हुई सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल आंतकी आईडी के तौर पर करके स्वतंत्रता दिवस की खुशियों में खलल डाल सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि कॉलर ने जिन दो लोगों के नाम बताए वह उन दो संदिग्धों मे शामिल हैं जो पंजाब में नवंबर 2016 को हुए जेलब्रेक की घटना में वांछित हैं।

एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं वह नाभा जेलब्रेक और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के मुखिया हरमिंदर सिंह मिंटू के करीबी हैं। उसे अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था और उसकी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। उसे पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई समर्थन दे रही था और वह युवाओं को आतंकी बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था। लखविंदर भी गैंगस्टर का और नाभा जेल से भागे हुए विक्की गाउंडर का करीबी है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह दोनों शख्स वही हैं।’

खालिस्तान के आतंकी केवल भारत में ही नहीं बल्कि इटली, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी से ऑपरेट करते हैं। उनपर आरोप है कि वह पंजाब में हड़ताल कराते हैं। इसके अलावा वह भाजपा और आरएसएस के नेताओं को मारने की योजना बनाते रहते हैं। ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहाल ने आरएसएस नेता रविंदर गुसांई को और दूसरे लोगों को फ्रांस 2013 में हुई मिंटू के साथ मुलाकात के बाद मारने की योजना बनाई थी।
-एजेंसी

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