Sivan के हजारों छात्र-छात्राओं ने संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रयासों को सराहा

अपनी रुचि अनुसार बनाएं लक्ष्यः कुलाधिपति सचिन गुप्ता

मथुरा। प्यारे बच्चों किसी का अनुकरण करने की बजाय जिस चीज में आपकी रुचि हो उसे अपना लक्ष्य बनाएं। वही लोग जीवन में सफलता के शिखर को छू पाते हैं जिनके इरादे दृढ़ और सोच सकारात्मक होती है। इंसान की सोच ही उसके सफल होने की सम्भावना को निर्धारित करती है। सकारात्मक सोच सफलता का मूल मंत्र है लिहाजा हमेशा सकारात्मक ही सोचें उक्त विचार सोमवार को बिहार के सीवान में आयोजित करियर काउंसलिंग में छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती को पुष्पार्चन और दीप प्रज्वलित कर किया गया।

सोमवार को सीवान के किला मैरेज हाल, आशी नगर में संस्कृति विश्वविद्यालय और सीवान जिला टीचर एसोसिएशन द्वारा आयोजित करियर काउंसलिंग में जिले के हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए करतल ध्वनि के बीच संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर कुलाधिपति श्री गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम प्रायः दूसरे की सफलता को अपना लक्ष्य मान लेते हैं जोकि उचित नहीं है। हमें अपनी रुचि अनुसार निर्णय लेना चाहिए। आज के तकनीकी और प्रतिस्पर्धी युग में हमें हर पल सावधान रहने की जरूरत है। आप लोग इण्टर की परीक्षा देने जा रहे हैं लिहाजा मैं सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। श्री गुप्ता ने इस कार्यक्रम के को-आर्डिनेटर कुन्दन कुमार, अंकित कुमार, रविशंकर दुबे आदि की प्रशंसा करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए।

इस अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, यहां की शख्सियतों ने हर क्षेत्र में सफलता हासिल की है। मैं स्वयं सीतामढ़ी का हूं, मुझे पता है कि बिहार में प्रतिभाएं हैं लेकिन उन्हें उचित मार्गदर्शन न मिलने से अपने आपको असहज महसूस करती हैं। डा. पाठक ने छात्र-छात्राओं को बताया कि संस्कृति विश्वविद्यालय कौशलपरक शिक्षा का हिमायती है। यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए घर जैसे माहौल में करियर संवारने की समस्त व्यवस्थाएं हैं। हाल ही संस्कृति विश्वविद्यालय और एमएसएमई के संयुक्त प्रयासों से यहां सेण्टर आफ एक्सीलेंस को मूर्तरूप दिया गया है। इस उत्कृष्टता केन्द्र में छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक से रू-ब-रू कराया जाएगा ताकि शिक्षा पूर्ण करते ही हर छात्र के हाथ में जाब लेटर हो। इस अवसर पर करियर काउंसलर विद्या गौतम ने कहा कि 12वीं के बाद हर छात्र-छात्रा के मन में विषय चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। बेहतर होगा आपकी जिस विषय में रुचि हो उसमें प्रवेश लें, इससे आपको परेशानी नहीं होगी। 12वीं के बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंकिंग, पत्रकारिता, एज्यूकेशन, प्रोफेशनल कोर्स, कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग आदि में प्रवेश लेकर आप अपना करियर संवार सकते हैं। इन विषयों की पढ़ाई के लिए संस्कृति विश्वविद्यालय आपके लिए बेहतर चुनाव हो सकता है। कार्यक्रम के अंत में निदेशक मार्केटिंग संदीप गर्ग ने सभी का आभार माना।