मोसुल में हजार तरकीबें आजमा रही है मौत

Thousand tricks are to be tried in Mosul
मोसुल में हजार तरकीबें आजमा रही है मौत

बगदाद। मोसुल में फंसे लोगों की जिंदगी लेने के लिए जैसे मौत हजार तरकीबें आजमा रही है। मोसुल से कोई अच्छी खबर आए एक अरसा बीत चुका है। यहां फंसे लोगों की जिंदगी लेने के लिए जैसे मौत हजार तरकीबें आजमा रही है। इराकी गठबंधन सेना को बढ़त तो मिल रही है, लेकिन यहां फंसे आम लोगों की बदहाली का हाल जानकर रौंगटे खड़े हो जाते हैं। ताजा खबर है कि मोसुल के पश्चिमी हिस्से में फंसे लोग भूख-प्यास से मर रहे हैं। खाना-पानी और हिफाजत की तलाश में अगर कोई यहां से भागने की कोशिश करता है, तो वह IS की गोली से मारा जाता है। पिछले तीन हफ्तों से यहां लोगों को बिल्कुल भी खाना नहीं मिला है। मालूम हो कि अब यह लड़ाई शहर के सबसे पुराने पश्चिमी हिस्से में केंद्रित हो गई है। यहां अभी भी 4 लाख से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकवादी इन लोगों को अपने बचाव में ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। अब जैसी खबरें आ रही हैं, उनसे तो यह लगता है कि यहां फंसे निर्दोष इराकी नागरिकों के जंग में मरने की नौबत ही नहीं आएगी। शायद जंग से पहले भूख ही उनकी जान ले लेगी।
भूख-प्यास से भागने की कोशिश की तो IS मार देता है गोली
‘द इंडिपेंडेंट’ अखबार को दिए गए इंटरव्यू में पश्चिमी मोसुल में रह रहे एक शख्स ने बताया कि लोग भूख और प्यास से तड़पकर मर रहे हैं। अखबार से बात करते हुए 28 वर्षीय करीम ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग, जिनमें उसकी जान-पहचान के भी कई लोग शामिल हैं, कुपोषण और भुखमरी के कारण दम तोड़ चुके हैं। मरने वालों में करीम का एक दोस्त भी शामिल है। करीम पेशे से टैक्सी चालक है और पश्चिमी मोसुल में रहता है।
उसने बताया, ‘शहर के इस पुराने हिस्से के कई इलाकों में पिछले 20 दिनों से रसद की आपूर्ति नहीं हुई है। ज्यादातर लोग अपनी सारी जमा-पूंजी खर्च कर चुके हैं।’ करीम ने बताया कि यहां ना तो खाना है और ना पीने के लिए पानी ही उपलब्ध है। यहां तक कि बिजली की सप्लाइ भी बंद है।
करीम के मुताबिक जो भी यहां से भागने की कोशिश करता हुआ पाया जाता है, उसे IS के आतंकी तुरंत गोली मार देते हैं। करीम ने बताया, ‘हम अपने घर से बाहर नहीं निकल सकते। यहां हम बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं।’
4 लाख से भी ज्यादा आम इराकी फंसे हैं यहां
करीम ने फोन पर यह इंटरव्यू दिया। इससे पश्चिमी मोसुल के रौंगटे खड़े कर देने वाली हालत का पता चलता है। शहर के इस तंग हिस्से में पतली-संकरी गलियां हैं और यहां के घर भी सटे-सटे और बेहद पुराने हैं। यहां की गलियां इतनी पतली हैं कि कोई गाड़ी वहां नहीं जा सकती। यहां का जनसंख्या घनत्व भी बहुत ज्यादा है और यहां इराकी सेना की तोपें और अन्य वाहन नहीं आ सकते। यही कारण है कि IS को यह इलाका सबसे मुफीद लगता है। पश्चिमी मोसुल के ज्यादातर इलाके ISIS के कब्जे में हैं और वह लोगों को बाहर नहीं जाने दे रहा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस इलाके में 4 लाख से भी ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। इसके अलावा पश्चिमी मोसुल के बाहरी इलाके में भी 2 लाख लोगों के फंसे होने का अनुमान है। उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
दक्षिणी मोसुल के मुकाबले यहां कम हैं IS लड़ाके
करीम के मुताबिक, ISIS के कई लड़ाके दीवार में बने छेद की मदद से एक घर से दूसरे घर में चले जाते हैं। करीम ने यह भी बताया कि दक्षिणी मोसुल के मुकाबले यहां पर IS के लड़ाकों की संख्या कम है। इराकी सेना हशद अल-सब्बी अभी यहां प्रवेश नहीं कर पाई है। करीम जिस इलाके में रहता है, वहां से इराकी फौज ज्यादा दूरी पर नहीं है। उसने बताया, ‘कल मैंने शियाओं के कुछ गाने सुने। जब हम ऐसे गाने सुनते हैं तो लगता है कि सेना इन इलाकों के नजदीक ही है। हशद के जवान आमतौर पर गाना सुनते हुए उसकी आवाज तेज कर देते हैं और रात के समय हमें इनकी आवाज साफ सुनाई देती है।’ करीम ने बताया कि IS अपने घायल लड़ाकों को पश्चिमी मोसुल के उत्तरी हिस्से में भेज रहा है। यह हिस्सा मोर्चे से दूर है।
अब तक कितने नागरिक मारे गए, इसका कोई हिसाब नहीं
अमेरिकी गठबंधन सेना द्वारा की जाने वाली हवाई बमबारी से IS काफी दबाव में है। एक ओर जहां उसके सामने इन हवाई हमलों की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर जमीन पर उसे इराकी फौज से लड़ना पड़ रहा है। पश्चिमी मोसुल के दक्षिणी हिस्से में भारी लड़ाई की खबर है। खबरों के मुताबिक इराकी सेना को भी यहां काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इराकी सरकार ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसके कितने सैनिक मारे गए हैं, लेकिन खबरों की मानें तो 19 फरवरी को पश्चिमी मोसुल में जंग शुरू होने के बाद से 284 सैनिक मारे गए हैं और 1,600 घायल हुए हैं। इससे पहले इराकी सेना ने पूर्वी मोसुल को IS के कब्जे से आजाद करा लिया था। यहां तीन महीने तक चली लड़ाई में 490 इराकी जवान मारे गए और 3,000 के करीब घायल हुए। मोसुल में अक्टूबर 2016 से दोनों पक्षों के बीच भारी युद्ध छिड़ा हुआ है। इस जंग में अबतक कितने नागरिक मारे गए हैं और कितने घायल हुए हैं, इसका कोई आंकड़ा नहीं मिल पाया है।
-एजेंसी

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