जो सपने देखते हैं वो पंगा लेते हैं, Panga का ट्रेलर र‍िलीज

नई दिल्ली। औरत 32 की हो जाए तो कमबैक नहीं कर सकती। मर्दों के लिए ये पैमाने नहीं है, सच कहें तो Panga का ट्रेलर कहता है कि पंगा किसी भी उम्र में ले लेना चाहिए…तभी आग दिखती है।

कंगना रनौत की फिल्म पंगा का ट्रेलर आजकल सुर्खियों में है। फिल्म कबड्डी प्लेयर रह चुकी युवती पर आधारित है जो फिर से एक बार पंगा लेना चाहती है। उन सपनों की कहानी है जो शायद हर लड़की की जिंदगी में औरत बनते ही टूटने लगते हैं।

पंगा का ट्रेलर आपने देख लिया होगा..नहीं देखा हो तो यहां देख लीजिए। साथ ही बात करते है ट्रेलर के बहाने फिल्म की संभावित परिणामों की और ऑडिएंस में इस पर बने नजरिए पर।

 

कहानी की बात करें तो कहानी सत्य घटना पर आधारित है। एक कबड्डी खिलाड़ी जो शादी के बाद उसी खेल से प्राप्त नौकरी और घरबार में उलझ कर रह गई है। उसका खेल खत्म हो गया है लेकिन वो फिर दोबारा कबड्डी खेलती है देश के लिए और जीतती है।

ये तो थी कहानी, कहानी की नायिका की बात करें तो नायिका है कंगना रनौत। देखा जाए तो कह सकते हैं कि कंगना इस तरह के किरदारों के लिए ही बनी लगती है। वो निर्भीक हैं, उनके चेहरे पर वो सामान्य गुणों वाली लड़की के भी भाव आते हैं और खिलाड़ी के भाव भी आते हैं। वो मां के रूप में भी परफेक्ट मिडिल क्लास हाउस वाइफ ही दिखती हैं, और वो प्रेम के क्षणों में भी उस प्रेम की शिद्दत महसूस करवा सकती है। कंगना को हीरोइन के रूप में लेकर निर्देशक ने गलती नहीं की है और ये बात बॉक्स ऑफिस फिल्म रिलीज होने के बाद प्रूव करेगा।

कंगना ने उस मां के किरदार को जिया है, वो मां जो सपनों में लात चलाती है। नाश्ता बनाते हुए, बच्चे को स्कूल छोड़ते हुए वो मां है तो है। इससे उसके जीवन में खेल का माद्दा खत्म नहीं हो जाता। वो पंगा ले सकती है, आराम की रूटीन लाइफ से पंगा ले सकती है। उसे दिक्कत है कि वो बच्चों से कह नहीं पाती कि मैं भी खेलती थी…खेलती थी क्यों..उसके दिल में अभी भी आग है।

– एजेंसी

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