धर्मसभा से जिन्हें खतरा लगता है, वह आश्रमों में आ जाएं: संत समाज

अयोध्‍या। रामनगरी के संतों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल को बुलंद करते हुए कहा कि 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा में बड़ी संख्या में रामभक्तों के नगर में इकट्ठा होने से मुसलमान भाइयों को कोई खतरा नहीं है, जिन्हें खतरा लगता है वह हमारे आश्रम में आकर रुक सकते हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
अयोध्या नगर निगम के महापौर ने कहा है कि विराट धर्मसभा का आयोजन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से होगा। उधर, बाबरी के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी द्वारा सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका जताए जाने पर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनकी सुरक्षा में अब चार गनर व एक दरोगा तैनात किया गया है।
इकबाल ने कहा था कि धर्मसभा में लाखों की भीड़ इकट्ठा होने की संभावना है। भीड़ किसी के नियंत्रण में नहीं रहती इसलिए अयोध्या में रहने वाले मुसलमानों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
सुरक्षा बढ़ाए जाने पर उन्होंने सरकार पर भरोसा जताया और कहा कि अयोध्या में धर्म के आधार पर कार्य हों किसी को कोई नुकसान न हो। सरकार भीड़ को नियंत्रित करे। उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य की सरकारों को धन्यवाद दिया।
25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मकसद राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय के अनुसार धर्मसभा में एक लाख से भी ज्यादा लोग इकट्ठा होंगे।
माहौल खराब करना चाहते हैं भ्रम फैलाने वाले लोग
मुसलमानों के भयभीत होने की खबरों पर श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि अयोध्या वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देने वाली नगरी है। मुसलमानों को भय नहीं महसूस करना चाहिए।
फिर भी जिन मुसलमान भाइयों चाहे वह इकबाल अंसारी हों या फिर हाजी महबूब को असुरक्षा की भावना है वह हमारे आश्रम में रह सकते हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। कुछ लोग धर्मसभा को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, ऐसे लोग अयोध्या का माहौल खराब करना चाहते हैं।
महंत शशिकांत दास ने भी धर्मसभा को लेकर भ्रम फैलाए जाने की बात कही। बोले कि मुस्लिम भाइयों को घबराने की जरूरत नहीं है। रामनगरी में वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं, हम सब उनके साथ हैं।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »