Booker Prize के लिए इस बार पांच महिलाएं नामित

लंदन। पोलैंड की उपन्यासकार ओल्गा टोकरियुक सहित पांच महिला उपन्यासकार इस बार Booker Prize की दौड़ में शामिल हैं. इनके नामों की घोषणा अन्य लोगों के साथ मंगलवार को की गयी. ओल्गा पिछले साल की बुकर पुरस्कार विजेता हैं. उन्हें 2018 में ‘फ्लाइट्स’ के लिए पुरस्कृत किया गया था.
इस बार Booker Prize के लिए छह लोगों का चयन किया गया है. ओल्गा के अलावा ओमान की जोखा अल-हार्थी, फ्रांस की एनी एर्नोक्स, जर्मनी की मैरिन पॉशमैन, कोलंबिया की जुआन गर्बियल और चिली की आलिया ट्रबुक्को जेरन को नामित किया गया है.
विजेता के नाम की घोषणा 21 मई को की जायेगी. जीतने वाले को 65,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाता है. पुरस्कार की राशि लेखक और अनुवादक के बीच बंटती है.
क्‍या है Booker Prize 
मैन Booker Prize फ़ॉर फ़िक्शन जिसे लघु रूप में मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार भी कहा जाता है, राष्ट्रकुल (कॉमनवैल्थ) या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास के लिए हर वर्ष दिया जाता है। 2008 वर्ष का पुरस्कार भारतीय लेखक अरविन्द अडिग को दिया गया था। अडिग को मिलाकर कुल 5 बार यह पुरस्कार भारतीय मूल के लेखकों को मिला है (अन्य लेखक – वी एस नायपॉल, अरुंधति राय, सलमान रश्दी और किरण देसाई) और कुल 9 पुरस्कार विजेता उपन्यास ऐसे हैं जिनका कथानक भारत या भारतीयों से प्रेरित है।
बुकर पुरस्कार की स्थापना सन् 1969 में इंगलैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई थी। इसमें 60 हज़ार पाउण्ड की राशि विजेता लेखक को दी जाती है। इस पुरस्कार के लिए पहले उपन्यासों की एक लंबी सूची तैयार की जाती है और फिर पुरस्कार वाले दिन की शाम के भोज में पुरस्कार विजेता की घोषणा की जाती है। पहला बुकर पुरस्कार अलबानिया के उपन्यासकार इस्माइल कादरे को दिया गया था।
-एजेंसियां

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