काफी पॉप्युलर हो रहा है इन दिनों फुट डिटॉक्स

फुट डिटॉक्स के बारे में माना जाता है कि यह पूरे शरीर को डिटॉक्स करता देता है हालांकि इस बारे में कई तरह की राय हैं पर यह ग्रूमिंग के लिहाज से भी काफी अच्छा है।
डिटॉक्स करना आजकल उतना ही जरूरी है, जितना कि सांस लेना और खाना। हम हर दिन टॉक्सिन्स से दो-चार होते हैं। हम जो पानी पीते हैं, जिस हवा में सांस लेते हैं, हमारे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और घरेलू सामान। टॉक्सिन्स हमारे लीवर और आंत में इकट्ठे होकर कई तरह की हेल्थ समस्याएं खड़ी करते हैं। इसकी वजह से स्किन पर भी दानों और पिपंल्स जैसी समस्याएं दिखती हैं।
इन समस्याओं को देखते हुए कई तरह से डिटॉक्स करने के तरीके सामने आ रहे हैं। इनमें फुट डिटॉक्स काफी पॉप्युलर हो रहा है। माना जाता है कि यह पूरी बॉडी को डिटॉक्स करने का बढ़िया तरीका है क्योंकि पैरों में नर्व एंडिंग्स और स्वेट ग्लैंड्स होती हैं। यहां तक कि पैरों को गुनगुने पानी में डालने से ही पूरे शरीर को आराम मिलता है, सूजन कम होती है और पूरी हेल्थ में सुधार होता है। साथ ही पैर से स्मेल भी नहीं आती। रिसर्च के मुताबिक फुट डिटॉक्स से पैरों से मेटल्स और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
ऐसे कर सकते हैं फुट डिटॉक्स
पानी में पैर डालकर: पानी में पैर डालकर बैठें, इसमें थोड़ा एप्सम सॉल्ट और इसेंशल ऑइल मिला हैं। 15 मिनट तक पैरों को पानी में डाले रहें इसके बाद सुखाकर मॉइश्चराइजर लगाएं।
फुट मास्क: ये मास्क पैरों पर कुछ देर के लिए लगाए जाते हैं फिर इन्हें धो दिया जाता है। फुट मास्क पैरों की स्किन को नर्म बनाते हैं और फंगस जैसी समस्याओं को भी दूर करते हैं।
फुट स्क्रब: पैरों पर नियमित रूप से स्क्रब करना चाहिए। इससे डेड स्किन सेल्स निकलती है साथ ही पैरों की स्मेल भी खत्म होती है।
फुट पैड्स: फुट पैड्स इस तरह से बनाए जाते हैं जिनसे पैरों से पसीना आए। माना जाता है कि इस प्रक्रिया से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर आते हैं।
ऐक्युप्रेशर वाली मसाज: हमारे पैर पेड़ की जड़ की तरह होते हैं जिनमें कई सारी नर्व्स होती हैं। ऐक्युप्रेशर मसाज से शरीर के कई हिस्सों में दर्द से राहत मिलती है।
-एजेंसियां

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