भारत में कोरोना की आधा दर्जन वैक्‍सीन हो सकती हैं उपलब्‍ध

नई दिल्‍ली। भारत में कोरोना वायरस की एक नहीं, कम से कम आधा दर्जन वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो सकती हैं। सरकार जहां देश में डेवलप हो रहे तीन टीकों से उम्‍मीद लगाए हुए हैं। वहीं निजी कंपनियां अपने स्‍तर पर विदेशी फार्मा कंपनियों से डील कर रही हैं। दुनिया के सबसे बड़े वैक्‍सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) तो पांच अलग-अलग कोरोना वैक्‍सीन की डोज तैयार कर रहा है। कंपनी का दावा है कि वह पांच वैक्‍सीन- Covishield, Covovax, COVIVAXX, COVI-VAC, और SII COVAX की 100 करोड़ डोज 2021-22 से पहले बना लेगी। कंपनी अगले साल की हर तिमाही में कोरोना का एक टीका लॉन्‍च करने की योजना बना रही है। दूसरी तरफ, भारत में बनी Covaxin को फेज 3 ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, रूस की कोरोना वैक्‍सीन Sputnik V का भारत में 100 लोगों पर ट्रायल शुरू होने जा रहा है।
SII के सीईओ ने बताया, पहले कौन सी वैक्‍सीन आएगी
सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला के अनुसार कंपनी सबसे पहले ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनका की वैक्‍सीन ‘कोविशील्‍ड’ को लॉन्‍च करने की तैयारी में है। देश में इसका लगभग 1,600 लोगों पर फेज 3 ट्रायल चल रहा है। पूनावाला ने कहा कि वे अभी हर महीने 2 से 3 करोड़ डोज बना रहे हैं और इसे 7 से 8 करोड़ तक बढ़ा सकते हैं। उनके मुताबिक वे अभी इसलिए कम वैक्‍सीन बना रहे हैं क्‍योंक‍ि उनकी शेल्‍फ लाइफ कम होती है। वैक्‍सीन अप्रूवल में अभी कम से कम दो महीने का वक्‍त और लग सकता है, ऐसे में टीके खराब होने का डर है।
अरबों डोज की डील कर चुका सीरम इंस्टिट्यूट
दूसरी वैक्‍सीन सीरम इंस्टिट्यूट लाइफ साइंसेज (SILS) ने बनाई है, इसका संभावित नाम ‘Covovax’ है। इसे नोवावैक्‍स के साथ मिलकर डेवलप किया गया है। इसका फेज 2 ट्रायल ऑस्‍ट्रेलिया में चल रहा है। नोवावैक्‍स ने SII के साथ 2021 में 100 करोड़ डोज तैयार करने की डील की है। इसके अलावा कंपनी अपनी ही COVAX की डोज भी बना रहा है। दो और वैक्‍सीन- COVI-VAC और COVIVAXX की डोज भी तैयार की जा रही हैं। SII ने नोवावैक्‍स, अस्‍त्राजेनेका के अलावा दुनिया की कई बड़ी फार्मा कंपनियों से डील कर रखी है।
रूसी वैक्‍सीन का 100 लोगों पर होगा ट्रायल
रूस में बनी Sputnik V वैक्‍सीन को भारत में 100 लोगों पर टेस्‍ट किया जाएगा। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने फार्मा कंपनी डॉ रेड्डी लैबोरेटरीज को इसके ट्रायल की इजाजत दी है। वैक्‍सीन का फेज 2 क्लिनिकल ट्रायल होगा, इसके बाद 1,400 लोगों पर फेज 3 ट्रायल किया जाएगा। रूस ने अपने यहां इस वैक्‍सीन को 11 अगस्‍त को मंजूरी दी थी।
फरवरी तक लॉन्‍च हो सकती है Covaxin
भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की कोरोना वैक्‍सीन Covaxin के आखिरी दौर का ट्रायल अगले महीने शुरू हो सकता है। ड्रग रेगुलेटर से फेज 3 ट्रायल की अनुमति मिल गई है। DCGI का एक्‍सपर्ट कमिटी की मंगलवार को मीटिंग हुई थी। इसी में वैक्‍सीन के आखिरी ट्रायल का अप्रूवल दिया गया। DCGI ने प्रोटोकॉल में ‘थोड़ा संशोधन’ किया है। भारत में वैक्‍सीन के ट्रायल में 25 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्‍हें 28 दिन के अंतराल पर वैक्‍सीन की दो डोज दी जाएंगी। कंपनी फरवरी तक फाइनल ट्रायल के रिजल्‍ट्स आने की उम्‍मीद कर रही है। उसके बाद अप्रूवल और मार्केटिंग की परमिशन के लिए अप्‍लाई किया जाएगा।
-एजेंसियां

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