मुसलमानों के लिए हिन्‍दुस्तान से खूबसूरत कोई मुल्क नहीं है: डॉ. एस वाई कुरैशी

अलीगढ़। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस वाई कुरैशी ने कहा कि मुसलमानों के लिए हिन्‍दुस्तान से खूबसूरत कोई मुल्क नहीं है।
फख्र है कि मैं भारतीय मुसलमान हूं और पहला गैर हिन्‍दू मुख्य चुनाव आयुक्त भी बना। एएमयू संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 201वीं जयंती (सर सैयद डे) समारोह में आए डॉ. कुरैशी ने परोक्ष रूप से उन कश्मीरी छात्रों को बड़ा संदेश दिया, जो 11 अक्टूबर को एएमयू में आतंकी मन्नान वानी के जनाजे की नमाज पढ़ने के लिए जुटे और आजादी के नारे तक लगाए थे।
डॉ. कुरैशी ने इंतजामिया से कहा कि वो नोबल पुरस्कार भले न ला सकें, लेकिन आईएएस अफसर तो पैदा करें। एएमयू से आईएएस निकलेंगे तो देश का नक्शा बदल देंगे।
एएमयू के एथलेटिक्स मैदान में सर सैयद डे समारोह में कुरैशी बतौर मुख्य अतिथि पारंपरिक बग्गी से कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के साथ पहुंचे। उन्होंने क्वांटिटी पर नहीं, क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान देने का आह्वान किया।
कुरैशी ने कहा कि सर सैयद की पहचान सिर्फ एएमयू नहीं, उससे बड़ी है। 200 साल पुरानी उनकी बातों पर आज भी मंथन हो रहा है। उनकी तालीम इस्लाम विरोधी नहीं थी।
उन्होंने अंग्रेजी व विज्ञान की शिक्षा पर बल दिया। उनके सलाहकार लाला लाजपतराय, मदन मोहन मालवीय, स्वामी विवेकानंद जैसे हिन्‍दू भी थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद जॉर्डन गया तो सब हैरान कि सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का आयुक्त मुस्लिम है। यह फख्र की बात थी। आज देश में 84 करोड़ वोटर, 10 लाख पोलिंग बूथ व 11 लाख स्टाफ चुनाव में लगता है। अब हिंसा भी घटी है।
2012 में उप्र ने 33 फीसद मतदान बढ़ाकर कमाल कर दिया था। 2019 में पहली बार 12 करोड़ युवा वोट डालेंगे। कहा, गुजरात में मंदिर के एक पुजारी के लिए बूथ बनता है। छह कर्मी उनके वोट डालने का इंतजार भी करते हैं।
-एजेंसियां

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